
हरिद्वार। आपदा पीड़ितों के लिए हरिद्वार में विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, राजनीतिक पार्टियों और विभिन्न प्रदेशों की सरकारों ने राहत और बचाव शिविर लगाए हैं। इनका जायजा लेने केंद्र से लेकर प्रदेशों के मंत्री और अधिकारी पहुंच रहे हैं। बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए शिविर का जायजा लेने मंत्री पहुंचे। फरीदाबाद के कांग्रेस सांसद अवतार सिंह भडाना भी पहुंचे।
रेलवे स्टेशन पर पत्रकारो से वार्ता में सांसद भडाना ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग में जो जनहानि हुई है उसे पूरा देश महसूस कर रहा है। उत्तराखंड सरकार को यात्रा के दौरान यात्रियों का पूरा विवरण रखना चाहिए। इसके लिए पंजीकरण की व्यवस्था करनी होगी। इस समय परिवहन विभाग जारी किए गए ग्रीन कार्ड से यात्रियों की संख्या का अनुमान लगा रहा है। प्रशासन के पास यात्रियों का पर्याप्त ब्यौरा न होने से पीड़ितों की मदद करने में कठिनाई हो रही है। कुछ पता नहीं चल रहा है कि कितने गए थे कितने सकुशल लौटे। भविष्य में चारधाम यात्रा का संचालन करने के लिए उत्तराखंड को मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था करनी होगी। प्रतिवर्ष लाखों यात्री चारधाम यात्रा के दर्शन करने आते हैं। सरकार चाहे लाख दावे करे कि सभी तीर्थ यात्रियों को निकाला जा चुका है। लेकिन, इस बात की पुष्टि करने के लिए आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। पत्रकारों से वार्ता के बाद सांसद भडाना जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वारूपानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री ने शिविर का जायजा लिया
हरिद्वार। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए आपदा राहत शिविरों का जायजा लिया। साहब सिंह सैनी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए सर्वाधिक 25 करोड़ दिए हैं। हरिद्वार के अलावा देहरादून, ऋषिकेश और जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भी शिविर लगाए गए हैं। अपर जिलाधिकारी जगमोहन को आपदा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। रेलवे स्टेशन पर बिजनौर जिले के तहसीलदार नरेश यादव को सहायता शिविर का इंचार्ज बनाया गया है। एआरएएम मुजफ्फरनगर नरेश पाल सिंह के निर्देशन में 700 बसों का बेड़ा लगाया गया है। मौके पर सुशील कुमार पांडेय, जीसी वर्मा, बाबूराम, काजी चांद, अनिल जेतली, रामनरेश यादव, राज सिंह माजरा, फिरोज अफताब, अशोक पंवार आदि उपस्थित थे।
