न घरों से हटा मलबा न पानी आया

श्रीनगर। आपदा से प्रभावित शक्तिविहार, लोअर भक्तियाना क्षेत्र में 11 दिन बाद भी प्रशासन आवासीय मकानों का मलबा पूर्ण रूप से साफ नहीं करा पाया है। यहां एक भी ऐसा आवासीय भवन नहीं है जहां मलबा न हो। वहीं पानी कि किल्लत से भी परेशानी बनी हुई है। ऐसे में लोग अपने रिश्तेदारों और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
आपदाग्रस्त लोगों का कहना है कि घर का मलबा साफ करने के लिए खुद ही मजदूर लगाए। स्वयंसेवी संस्थाओं और गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों ने किसी तरह कुछ-कुछ घरों के अंदर का मलबा तो साफ किया। वहीं घर के बाहर मलबा ज्यों का त्यों पड़ा है, जिससे भयंकर बदबू उठ रही है। आपदाग्रस्त क्षेत्र में पानी न आना भी लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। पानी न आने से सफाई करने में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन 22-23 घरों का मलबा साफ करने की बात कर रहा है, लेकिन घरों की स्थिति देख कर पता चल सकता है कि कितने घर साफ हुए हैं।

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हमने तीन दिनों तक सात मजदूरों को खुद मजदूरी दी है। प्रशासन ने हमारी कोई मदद नहीं की। हमने घर के अंदर का मलबा तो साफ कर लिया लेकिन बाहर अभी मलबा ऐसे ही पड़ा है। पेयजल आपूर्ति अभी तक सुचारु नहीं हो पाई। हैंडपंप से पानी लाकर सफाई कर रहे हैं। – कृष्ण बल्लभ भट्ट शक्तिविहार।

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आज पूरे 11 दिन हो गए हैं, पाइप लाइन अभी भी टूटी है बिना पानी के सफाई कैसे की जाएगी। अगर ऐसा ही चलता रहा तो सफाई में महीनों लग जाएंगे। – उपेंद्र प्रसाद, शक्तिविहार।

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हमारा पूरा घर मलबे में दबा हुआ है। बिना पानी के हम कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। पता नहीं कब तक पानी आएगा और कब हम अपने घर में जा पाएंगे। – किरन धस्माना, शक्ति विहार।

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शक्तिविहार और लोअर भक्तियाना में जहां-जहां सफाई हो गई है वहां पेेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। कई जगह सफाई के लिए जेसीबी लगी हुई है। जेसीबी से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी फिर सड़कों पर बह रहा है, जिस कारण रास्तों पर मलबा एकत्र हो रहा है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति पूर्णरूप से बहाल कर दी जाएगी। – प्रवीण सैनी, एसडीओ, जल संस्थान।

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22-23 घर पूरी तरह मलबे से खाली कर दिए गए हैं। घर के बाहर चौक से भी मलबा खाली कराया जा रहा है। शक्तिविहार में जेसीबी चलने से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, हो सकता है कि इसलिए पानी बंद कर दिया गया हो। – कुश्म चौहान, तहसीलदार श्रीनगर।
पेयजल योजना क्षतिग्रस्त
पैठाणी। कनाकोट गांव के समीप बादल फटने से दैवी आपदा की चपेट में आए पैठाणी बाजार में स्थितियां अभी भी सामान्य नहीं हो पाई हैं। बरसात के कारण पेयजल योजना क्षतिग्रस्त पड़ी है तो पैठाणी बाजार में मलबा पड़ा है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। थलीसैण एसडीएम जीआर बिनवाल ने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। पैठाणी बाजार में घुसे मलबे को साफ करा दिया गया है जबकि भवनों में घुसे मलबे को जल्द साफ कराया जाएगा। पैठाणी बाजार में टैंकर से पानी की आपूर्ति कराई गई।

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