चारों तरफ से कटाव के बीच हैं 55 परिवार

मुनस्यारी। तहसील के सोनर, त्यांगती, दरकोट, सुरिंग और आसपास के 55 परिवार खतरे के बीच जी रहे हैं। भारी बारिश के बाद नदी ने जमीन को दोनों तरफ से काट दिया है और ये मकान एकदम खतरनाक मुहाने पर आ गए हैं। मगर अभी तक इन इलाकों में सरकारी अमले की नजरें नहीं पहुंची हैं।
राहत सामग्री के साथ पहुंचे हिमालय अध्ययन केंद्र (एचएससी) के निदेशक डा. दिनेश जोशी के सम्मुख ग्रामीणों ने अपनी व्यथा रखी। प्रधान हीरा देवी, गोविंद बृजवाल, कुंदन सिंह, दिनेश सिंह आदि ने बताया कि गराली पुल टूटने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सरकार की ओर से राहत नहीं पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई। संस्था ने दवाई किट और राहत सामग्री के 1500 पैकेट लोगों को उपलब्ध कराए।
बाद में संस्था के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव डा. आरएस टोलिया से मिले। डा. टोलिया ने दूरदराज के गांवों में राहत के ढीलेढाले कार्यों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। एचएससी और सीमांत युवा संगठन में राजेंद्र मर्तोलिया, महेश पांडेय, कृष्णानंद चौसाली, गंभीर सिंह मेहता, दिनेश राणा, हीरा सिंह, उत्कर्ष जोशी आदि शामिल थे।

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