उत्तराखंड बाढ़: ‘महामारी की संभावना नहीं, बद्रीनाथ में राहत अंतिम चरण में’

उत्तराखंड बाढ़: ‘महामारी की संभावना नहीं, बद्रीनाथ में राहत अंतिम चरण में’

गोचर: उत्तराखंड सरकार ने महामारी फैलने की खबरों को आधारहीन बताते हुए आज कहा कि फंसे यात्रियों को निकालने का काम अंतिम दौर में है। गढवाल मंडल के आयुक्त सुबद्र्धन ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है और इस मामले में भ्रामक खबरें दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई खास क्षेत्र आपदा का शिकार होता और एक ही जगह पर श्रद्धालु मारे जाते तो यह संभावना बनती लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ है और गौरीकुंड से बद्रीनाथ तक पूरे मार्ग पर यात्रियों को त्रासदी का शिकार होना पड़ा है इसलिए महामारी की संभावना नहीं है।

यह पूछने पर कि 20 टन ब्लिचिंग पाउडर 11 टन चूना और लाखों क्लोरिन की गोलियां केदारनाथ में किस लिए भेजी गई है तो उन्होंने कहा कि रास्तों में मलबा और गंदगी फैली है जिससे परेशानी पैदा हो सकती है। इस गंदगी से कोई दिक्कत नहीं हो इसलिए एहतियात के तौर पर ये सामान भेजे गए हैं।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास और आबादी वाली जगह जहां भी कीचड़ भरा है ब्लिचिंग पाउडर और चूने का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि बद्रीनाथ में फंसे यात्रियों को निकालने पर सरकार का पूरा ध्यान केंद्रित है और फंसे यात्रियों को हेलीकॉप्टर आदि के जरिए बाहर निकालने का कार्य अंतिम दौर में हैं।

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