
रुद्रपुर। आपातकाल की 38वीं वर्षगांठ पर जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि 1975 मे देश में आपातकाल की घटना लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है और इसके लिए कांग्रेस को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता है।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष सुभाष छावड़ा ने कहा कि देश में लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए। कहा कि 1975 में 25 जून की रात्रि में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर जनता को मूल अधिकारियों से वंचित कर दिया था। कहा कि लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए जनता को कांग्रेस सहित सभी परिवारवाद वाले दलों को खत्म कर देना चाहिए। अधिवक्ता कस्तूरीलाल तागरा ने कहा कि 1975 में लगाए गए आपात काल के लिए कांग्रेस को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता है। कहा कि बिना मुकदमे लगाए लोगों को जेलों में रखने की घटना केवल तानाशाहों के देश में ही संभव है। लेकिन कांग्रेस ने अपनी हठधर्मिता से यह सब लोकतांत्रिक देश में भी कर दिखाया था। पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी ने कहा कि सत्ता में बने रहने की ललक ने ही लोकतंत्र को कलंकित किया और इसके लिए कांग्रेस दोषी है। सीए शिव अरोड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं है। इस मौके पर बरीत सिंह, कमला चिलाना, राजेंद्र चंद्र, होमी कुरैशी, मनोहर सिंह, इमरान मलिक, अभिनव छावड़ा,मनीष मुंजाल, वेद ठुकराल, यशपाल घई,जीडी गंवार, डॉ विजय श्रीवास्तव, सूरज सक्सेना, गुरुबाज सिंह, वीरेंद्र गोस्वामी आदि मौजूद थे।
