खदेड़ में निर्माणाधीन वर्षाशालिका ढही

सिहुंता (चंबा)। खदेड़ गांव में लोगों की सहायता के लिए बनाई जा रही वर्षाशालिका टूट गई है। इसके टूटने का कारण नींव में पत्थरों की जगह मिट्टी का उपयोग करना बताया जा रहा है। ग्रामीणों बिशन दास, रंगील सिंह, तिलक राज, परस राम, केवल सिंह, चैन सिंह, बलवान सिंह, ज्ञान चंद, वकील सिंह और परमजीत का आरोप है कि वर्षाशालिका का निर्माण कार्य ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा था। इस कारण यह वर्षाशालिका निर्माण के बीच में ही टूट गई। उन्होंने कहा कि वर्षाशालिका के टूटने से गिरे मलबे से वहां से गुजर रहे बच्चे बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने समय रहते इस निर्माण कार्य की सुध ली होती तो, आज इसका खामियाजा विभाग को नहीं भुगतना पड़ता। उन्होंने कहा कि इस वर्षाशालिका के निर्माण कार्य को लगभग एक महीना बीच चुका था। साथ ही सरकार के इसमें 15 हजार रुपये के करीब खर्चा हो चुका है। उन्होंने इसके निर्माण की जांच की मांग की है। विभाग के अधिशासी अभियंता बीके शर्मा ने बताया कि इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।

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