
रुद्रप्रयाग। देश-प्रदेश से आपदा प्रभावितों के लिए मदद पहुंच रही है, लेकिन जिले के आपदा प्रभावितों को जिन चीजों की जरूरत है, वह उन्हें नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है क्षेत्र के 36 गांवों में पिछले 10 दिन से राशन नहीं बंटा है, जिससे ग्रामीणों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
केदारनाथ आपदा के बाद सरकारी तंत्र सहित सामाजिक संगठनों का ध्यान जिले की ओर है। लोग अपनी-अपनी ओर से राहत सामग्री भेज रहे हैं, लेकिन इन सामग्री में राशन के बजाय बिस्कुट, पानी की बोतल, ग्लूकोज जैसी सामग्री हैं। लोगों को इनकी जरूरत नहीं है। बताया जा रहा है कि हेलीपैड और जगह-जगह ट्रकों में उक्त सामग्री भरी पड़ी है, लेकिन अब धीरे-धीरे गांवों में खाद्यान्न संकट गहराने लगा है। लगभग तीन दर्जन गांवों में पिछले 10 दिनों से खाद्यान्न नहीं पहुंचा है।
सड़क मार्ग से कटे गांवों को चावल, आटा, दाल, चीनी, खाने का तेल, मसाले और बर्तनों की जरूरत है, जो उनको नहीं मिल नहीं पा रही है।
अपर जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने बताया कि प्रभावित गांवों के लोगों को राशन की जरूरत है। यदि 25-30 किलो के पैकेट में राशन मिल जाए, तो बेहतर रहेगा। इन पैकेट्स को प्रभावित लोग रोड हैड से अपने घर तक ले जा सकते हैं। इसके अलावा सोलर लालटेन की भी जरूरत है। ताकि जिन इलाकों में बिजली न हो, वहां लोग इसकी रोशनी से काम चला सके।
