
अगस्त्यमुनि। बारिश और बाढ़ ने क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। स्थिति यह है कि ध्वस्त मार्गों की स्थिति को देखते हुए लोग शादी की तिथि आगे खिसका रहे हैं। वहीं बाढ़ में पैतृक श्मशान घाट भी बह गए हैं, जिससे लोगों के सामने मृतकों के अंतिम संस्कार करने की समस्या खड़ी हो गई है।
बारिश से मोटर मार्गों के ध्वस्त होने के कारण लोग परेशान हैं। सोमवार को विजयनगर के ऐटा गांव की एक 92 वर्षीय वृद्धा की मौत हो गई, लेकिन श्मशान घाट बाढ़ में बह जाने की वजह से ग्रामीणों के सामने वृद्धा के अंतिम संस्कार की समस्या पैदा हो गई है। मजबूरन संबंधित परिवार को विजयनगर में नदी किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ा। विजयनगर में भी श्मशान घाट बह गया है। अगस्त्यमुनि में जुलाई में कई घरों में शादी और सगाई होने थे, लेकिन क्षेत्र और सड़कों की दशा देखकर लोगों ने कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।
