धन की कमी नहीं, उचित प्रबंधन की जरूरत

कपकोट। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने कपकोट में अधिकारियों के साथ बैठक करआपदा से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राहत के लिए धन और साधनों की कमी नहीं है, उचित प्रबंधन की जरूरत है। मौसम खराब होने के कारण भी बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने संवेदनशील बस्तियों और मकानों के बारे में रिपोर्ट तैयार कर लेने के निर्देश दिए। रावत ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त संपत्तियों का नव निर्माण मनरेगा से कराया जाएगा।
श्री रावत मंगलवार को सुबह कार से कपकोट पहुंचे। यहां तहसील सभागार मेें उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा से हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। राज्य के गंभीर आपादा ग्रस्त जिलों में बागेश्वर को भी शामिल किया गया है। यहां भी राहत के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। तात्कालिक राहत के लिए लोगों को खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं दी जाएंगी, इसके लिए अधिकारी शीघ्र अपनी जरूरत बताएं। पैदल रास्तों को खोलने का काम किसी एक विभाग को सौंप दिया जाए। उन्होंने कहा कि लोनिवि के अधिकारियों को सड़कें खोलने के लिए जेसीबी मशीनों की मांग सरकार से करनी होगी। रावत ने कहा कि आपदा से मरी बकरियाें पर मुआवजा दिलाने के लिए मानकों में छूट की व्यवस्था की जाएगी। बैठक के दौरान उन्होंने मनरेगा के सचिव से फोन पर वार्ता की। तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री श्री रावत को नुकसान की जानकारी दी। इस मौके पर जिलाधिकारी बीएस मनराल, पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती, ब्लाक प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया, पुष्पलता मेहता, उमेश जोशी, सुनील भंडारी, बबलू नेगी, चंपा आर्या, बबली ऐठानी, अनिल टंगड़िया, नवीन साह, नरेंद्र खेतवाल, गोविंद कठायत, खिलाप दानू, दर्शन कठायत, किशन दानू, दीपक खेतवाल, गिरीश जोशी आदि उपस्थित थे।

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