
पिथौरागढ़। भाकपा माले ने आपदा राहत के मामले में प्रदेश सरकार की नियत पर सवाल खड़े किए हैं। नेताओं और अधिकारियों पर हेलीकॉप्टरों में घूमने का आरोप लगाया है।
माले के जिला सचिव जगत मर्तोलिया, मगर प्रभारी सुशील खत्री, देवेंद्र रौतेला ने आपदा प्रभावित क्षेत्र से लौटने के बाद बताया कि दस दिन बीतने के बाद भी आपदा पीड़ितों को मिलने वाली सामान्य मदद भी उनको नहीं मिल पाई है। धारचूला मुनस्यारी के 158 गांवों को आपदा से प्रभावित बताते हुए कहा कि इन गांवों में राशन की भारी किल्लत हो गई है। हेलीकॉप्टर से ही इन गांवों में रसद आपूर्ति हो सकती है लेकिन सरकार अब तक सीमांत जिले के आपदा पीड़ितों की सुध नहीं ले पाई है। सांसद, विधायक और सरकार का आपदा राहत कार्य में कोई नियंत्रण नहीं है। छोरीबगड़, मोरी, घट्टाबगड़, नया बस्ती, गोठी, कंच्योती, सोबना, सुवा, न्यू सुवा, तेजम (सोबला), मदकोट, देवीबगड़, भुखरपानी में आपदा पीड़ितों को टैंट, कंबल रसद तक सरकार उपलब्ध नहीं करा पाई है।
दोनों तहसीलों में केवल आश्रम पद्घति स्कूल बलुवाकोट में 40 परिवारों के लिए राहत शिविर खोला गया है। इस शिविर में भी माले के हस्तक्षेप के बाद चार रसोई गैस सिलेंडरों की व्यवस्था हो पाई। बताया कि भूकटाव से बलुवाकोट के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो रहा है। लोग सांसद से एक करोड़ और विधायक से पचास लाख रुपये बलुवाकोट को बचाने के लिए मांग रहे है लेकिन दोनों ने चुप्प साध रखी है।
