
कर्णप्रयाग। केदारनाथ के एक होटल में काम करने वाले दो भाई बाढ़ में बह गए थे, जिनमें से एक तो बच गया, लेकिन दूसरा लापता है। साथ ही भतीजे और मामा का भी कोई सुराग नहीं लग पाया है।
पोखरी के मसोली गांव के सते सिंह ने बताया कि उसका बड़ा भाई नरेंद्र सिंह, भतीजा भरत सिंह और मामा पृथ्वी पाल सिंह केदारनाथ में होटल में काम करते थे। 16 जून की शाम को कुछ नहीं हुआ, लेकिन सुबह जैसे ही होटल में नाश्ता और अन्य खाने की तैयारी करने लगे। तो बाढ़ आई और उसका भाई नरेंद्र, भतीजा भरत और मामा पृथ्वी सहित वह बह गया था। करीब 100 मीटर बहने के बाद उसके हाथ एक भवन की रेलिंग लगी, जिसे उसने कस कर पकड़ दिया। लेकिन भाई का हाथ नहीं पकड़ सका। सते के रिश्तेदार लखपत सिंह के अनुसार बाढ़ में बहने की सूचना पुलिस को दे दी गई, लेकिन घटना से मसोली गांव में सन्नाटा पसरा है।v
