
उत्तरकाशी। सेना, आईटीबीपी तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं गंगोत्री घाटी में फंसे यात्रियों की मदद में जुटे हैं। प्रति दिन जवान दुर्गम चट्टानी रास्तों से 300 से अधिक यात्रियों को मनेरी हेलीपैड तथा उत्तरकाशी तक पहुंचा रहे हैं।
गंगोत्री मार्ग के कई स्थानों पर भूस्खलन से बंद होने के कारण यात्री पहाड़ी चट्टानों पर चढ़कर पैदल मार्ग से होकर उत्तरकाशी पहुंच रहे हैं। इन स्थानों पर सेना और आईटीबीपी के जवान रस्सी के सहारे यात्रियों को निकाल रहे हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रशिक्षित दिगंबर पंवार, जगमोहन रावत, सोबन भंडारी, दशरथ रावत आदि भी गंगोरी, हीना, मनेरी, लाटा, भुक्की तथा सुक्की के दुगर्म रास्तों से यात्रियों को निकलाने में मदद कर रहे हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक सुमन रावत ने बताया कि सौम्यकाशी रोटरी क्लब, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा भी पैदल मार्ग पर चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं।
