टैक्स चोरी पर रहेंगी नजरें

सोलन। अब निजी बस आपरेटराें और ट्रांसपोर्टरों को समय पर टैक्स भरना होगा। परिवहन विभाग टैक्स चोरों को पकड़ने के लिए जल्द ही प्रदेश में निजी ट्रांसपोर्टरों के टैक्स संबंधी नई व्यवस्था लागू करने वाला है। इसके लिए एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। साफ्टवेयर में निजी ट्रांसपोर्टर का पूरा ब्यौरा होगा। साफ्टवेयर को आनलाइन किया जाएगा। विभाग कभी कहीं भी निजी बस आपरेटरों का पूरा ब्यौरा चैक कर सकेगा। दावा किया जा रहा है कि इससे निजी बस आपरेटरों की टैक्स चोरी पर लगाम कसी जाएगी।
जिला में कई बस आपरेटर बिना टैक्स जमा करवाए बसें चला रहे हैं। इनकी बसों को जब पकड़ा जाता है तो यह थोड़ा बहुत पैसा जमा करवाकर बसें छुड़ा लेते हैं तथा फिर कई महीनों तक टैक्स अदा नहीं करते। ऐसे में तैयार किए जा रहे साफ्टवेयर में जब भी आपरेटर टैक्स जमा करवाएगा तो उसका पिछला पूरा डाटा सामने आएगा, जिससे विभाग आसानी से उसकी पिछले टैक्स की तिथि व बकाया टैक्स देख सकेंगे। साफ्टवेयर तैयार करने में एनआईटी कंपनी लगी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही साफ्ट आनलाइन कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में आपरेटरों को टैक्स देखने के लिए फाइलों की पड़ताल करनी पड़ती है।

ये होगा साफ्टवेयर में
टैक्स साफ्टवेयर में बस के लिए कौन से रूट लिया है? मासिक टैक्स कितना है? प्रतिदिन कितने किलोमीटर चलेगी? कितने सीट पास है बस? कितना नेशनल हाइवे, लिंक रोड, कच्चा रोड और परमिट वैध्यता कब तक है? बस की पासिंग तिथि कब की है? में सब कुछ डाला जाएगा।

प्रदेश में हैं करीब 4 हजार बस आपरेटर
मौजूदा समय में प्रदेश में करीब चार हजार बस आपरेटर पंजीकृत हैं। इसमें कांगड़ा, शिमला, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना आदि जिला में सबसे अधिक बसें पंजीकृत हैं। इन सभी बस आपरेटरों को पूरा डाटा आन लाइन होगा।

टैक्स साफ्टवेयर तैयार : भारद्वाज
वहीं इस बारे में जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी अरूण भारद्वाज ने बताया कि साफ्टवेयर तैयार करने का कार्य जारी है। जल्द ही निजी बस आपरेटरों को टैक्स आनलाइन किया जाएगा। इससे बसों के टैक्स की चोर बाजारी में लगाम कसी जा सकेगी।

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