पांवटा में आफत बनकर बरसे मेघ

पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा में आसमान से बादल आफत बन कर टूट रहे हैं। शहर से गांव तक कई स्थलों पर बाढ़ के कहर से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। दो बच्चे उफनती बरसाती खड्ड की चपेट में आ गए, जिन्हें बचा लिया गया। 4 रिहायशी मकान ढह गए हैं। संपर्क सड़क, पुलिया और फसलों को क्षति पहुंची है।
उधर, ग्राम कुंजा मतरालियों के पंचायत प्रधान अकबर अली और सीटू खान ने बताया कि बरसाती खड्ड ने तबाही मचाई है। मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 4 बजे खड्ड का जल स्तर उफान पर पहुंच गया। जिससे खड्ड के साथ लगते आरिफ और तौहीद का कच्चा मकान बह गया। इसमें सौयब (11) और अक्षा (8 माह) भी पानी की चपेट में आ गए थे। परिजनों ने किसी तरह बच्चों को बहने से बचा लिया। जबकि घर में रखा सारा सामान बह गया। घर में सो रहे अन्य सदस्यों मुनसीना, आसिया, निगारा और शर्मा ने किसी तरह भाग कर जा बचाई। इसी खड्ड में पांवटा-मतरालियों मार्ग में साथ लगते शाहिद के मकान में पानी जा घुसा। साथ लगती दर्जी की दुकान समेत घर में तीन से चार फुट पानी भर गया। जिससे परिजनों ने साथ लगती एक इकाई की छत पर चढ़कर जान बचाई।
इधर, राजकीय उच्च पाठशाला रामपुरघाट में बाढ़ का पानी घुस गया। जिससे स्कूल की चारदीवारी का करीब 40 फुट हिस्सा ढह गया है। खेल मैदान, स्कूल परिसर के कमरों में 4 फुट तक पानी भर गया। ग्रामीणों ने किसी तरह जल निकासी करवा दी। इसी मार्ग पर मतरालियों बरसाती खड्ड उफान पर होने से सैकड़ों मजदूरों और कर्मचारियों को दिक्कतें हुई।

Related posts