
ददाहू (सिरमौर)। राज्य बिजली बोर्ड के कमाऊ पूत कहलाने वाले गिरीनगर स्थित पावर हाउस में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के कारण विद्युत उत्पादन प्रभावित हो रहा है। पावर हाउस में स्थापित दो विशाल टरबाइन मशीनों में से मात्र एक से ही कार्य लिया जा रहा है। सिल्ट बढ़ने के कारण 60 मेगावाट की यह परियोजना हांफती दिखाई दे रही है। हालांकि, विभाग को पानी के साफ होने का इंतजार है, लेकिन इन दिनों परियोजना के जटोन बैराज में सिल्ट का स्तर बढ़कर 1200 पीपीएम तक पहुंच चुका है जोकि उत्पादन के लिए हानिकारक है। पिछले करीब एक सप्ताह से उत्पादन क्षमता मात्र 30 मेगावाट पर ही सिमट कर रह गई है। वर्षा के दिनों में भी उत्पादन 50 फीसदी ही संभव हो रहा है। पानी के साथ बहकर सिल्ट भारी मात्रा में बैराज में समा रही है। बरसात के इन दिनों में भी 30 मेगावाट का उत्पाद बेहद कम है। जबकि विभाग को इन्हीं दिनों में शत प्रतिशत उत्पादन की उम्मीद रहती है। इस साल वर्तमान उत्पादन 30 मेगावाट पर ही अटक कर रह गया है। उधर, परियोजना के आरई निर्मल अत्री ने उत्पादन क्षमता 30 मेगावाट पर रुकने की पुष्टि करते हुए बताया कि पानी के साथ-साथ सिल्ट की मात्रा अधिक होने के कारण उत्पादन पर गहरा असर पड़ रहा है। धीरे-धीरे पानी के साफ होने की संभावना है। साथ ही उत्पादन के बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
