
शिमला। डीजल का गोलमाल करने के आरोप में नगर निगम का एक चालक नप गया है। मंगलवार को एक जागरूक नागरिक की शिकायत पर यह चालक हत्थे चढ़ा। इसने 40 लीटर डीजल भरवाकर लॉग बुक में 80 लीटर की एंट्री की है। मंगलवार को दोपहर बाद निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे रहे। उधर, आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि मामला अभी उनके ध्यान में नहीं है। जानकारी जुटाकर तथ्यों के आधार पर जांच करेंगे।
आरोप है कि नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा के एक चालक ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए डीजल में गोलमाल किया है। चालक ने गाड़ी में कम डीजल भरवाकर लॉग बुक में अधिक डीजल दर्शाया है। हालांकि निगम के अधिकारी इस मामले पर खुलकर कहने से गुरेज कर रहे हैं। मंगलवार शाम करीब चार बजे के बाद मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया जो कि देर शाम तक ऑन नहीं हुआ। उधर, पुख्ता सूत्रों की मानें तो मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने रिपोर्ट तैयार कर आयुक्त को भेज दी है। इस मामले में अब आगामी कार्रवाई आयुक्त को करनी है।
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पेट्रोल पंप कर्मियों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध
इस मामले में छोटा शिमला स्थित हिमफेड पेट्रोल पंप के कर्मियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। बताया जा रहा है लॉग बुक में क्या एंट्री की जा रही है, इसकी जानकारी पंप कर्मियों को भी होती है। विभाग द्वारा तेल भरवाने के लिए दिए गए इंटेडड को देखकर ही सप्लाई दी जाती है।
अधिकांश सरकारी विभाग यहां भरवाते हैं तेल
छोटा शिमला स्थित हिमफेड के पेट्रोल पंप में राज्य के अधिकांश सरकारी विभागों की गाड़ियां पेट्रोल, डीजल भरवाती हैं। सरकारी गाड़ियों की यहां रोजाना करीब दो सौ गाड़ियों में तेल भरा जाता है।
