
तीसा (चंबा)। पांगी-बैरागढ़-चंबा मार्ग भूस्खलन होने से बंद पड़ा हुआ है। इस मार्ग पर मंगलवार को भी यातायात ठप रहा। यह मार्ग रविवार रात को हुई भारी बारिश के बाद बंद हो गया था। सोमवार को इस मार्ग को बहाल करने के प्रयास किए गए मगर रात को फिर से हुई बारिश से सड़क बंद हो गई। शुक्राली नाला के पास भूस्खलन होने की वजह से मलबा सड़क पर आ गया। सड़क पर मलबा और पत्थर आने के कारण मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया।
मार्ग पर एक एचआरटीसी और दो प्राइवेट बसें फंसी हुई हैं। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर लगभग 60 के करीब छोटे वाहन फंसे हुए हैं।
थोड़ी सी बारिश होने के बाद ही शुक्राली नाला के पास भूस्खलन शुरू हो जाता है। इस कारण यह मार्ग ठप हो जाता है। ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सौरभ चौधरी ने बताया कि भूस्खलन के कारण सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है। विभाग के कर्मचारी मार्ग को बहाल करने में जुटे हैं।
पांच घंटे बद रहे भंजराड़ू-चंबा और सनवाल-भंजराड़ू मार्ग
पंगोला और शुक्रोठ नालों के पास हुआ भूस्खलन
उधर, भंजराडू-चंबा और सनवाल-भंजराडू मार्ग बारिश होने के कारण लगभग पांच घंटे बंद रहे। चंबा-भंजराडू मार्ग पर पंगोला नाला के पास भूस्खलन हो गया। सारा मलबा सड़क पर आ गया। चंबा-सनवाल मार्ग शुक्र ोठ नाले के पास भूस्खलन होने के अवरुद्ध हो गया है।
पठानकोट-चंबा-सनवाल रूट पर चलने वाली बस देरी से चल पाई। यह बस सुबह करीब छह बजे सनवाल से चलती है। मार्ग बंद होने के कारण बस दस बजे शुक्रोठ से चली। इस कारण स्कूली बच्चों समेत कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मार्ग बंद होने के कारण प्राइवेट बसें भी शुक्रोठ के पास फंसी रहीं। स्थानीय निवासियों राम सिंह, हेमराज, दिनेश कुमार, रूप लाल, अशोक कुमार, लाल चंद और दीपक ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सौरभ चौधरी ने बताया कि भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हुआ था। विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया।
कैला और कलौता मार्ग 36 घंटे बाद बहाल
चंबा। चंबा-कैला और चंबा-कलौता मार्गों को लोक निर्माण विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद बहाल कर दिया है। मार्ग पर फंसी हिमाचल पथ परिवहन निगम की दो बसों को निकाल लिया गया है। लोक निर्माण विभाग की सोमवार देर रात तक कड़ी मशक्कत के बावजूद मार्ग नहीं खुल पाया था। इस कारण ग्रामीणों को 36 घंटों तक आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
लोक निर्माण के अधिशासी अभियंता एमके मिन्हास व सहायक अभियंता जेएस ठाकुर ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया था। मार्ग खुलने पर बस डिपो पर पहुंचने पर एचआरटीसी ने भी राहत की सांस ली। बसें फंसी होने के कारण निगम को मंगलवार सुबह रूटों पर बसें भेजने के लिए काफी मुश्किलें पेश आईं। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि चंबा-कैला व चंबा-कलौता मार्ग को बहाल कर निगम की बसों को निकाल दिया गया है। मार्ग पर भारी बारिश के इन दो मार्गों पर काफी नुकसान हुआ है। अभी भी मार्ग पर मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
