
हरिद्वार। इसे बदइंतजामी नहीं तो और क्या कहेंगे। आपदा की इस घड़ी में चिकित्सकों की कमी से कराह रहे हरिद्वार जिले को अलीगढ़ मेडिकल कालेज (एएमसी) से 10 डाक्टर मिले। लेकिन समन्वय की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग इनका इस्तेमाल नहीं कर पाया। दिनभर डाक्टर खाली बैठे रहे। इन्हें कहां भेजना है इस पर निर्णय शाम तक भी नहीं हो पाया। आखिर डाक्टरों का दल ऋषिकेश के लिए रवाना हो गया।
हरिद्वार जिले में डाक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई हैं। हाल यह है कि जनपद में कहीं फिजीशियन तक तैनात नहीं हैं। आपदा से पीड़ित अधिकतर अपने-अपने गंतव्य के लिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं। जिसके चलते यहां यात्रियों का दबाव बना हुआ है। इसी को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कालेज से पहुंचे 10 डाक्टरों के एक दल को देहरादून से हरिद्वार भेजा गया। दल में शामिल डाक्टरों ने रविवार शाम जिला अस्पताल में रिपोर्ट की। सोमवार को इन डाक्टरों को जिला अस्पताल और मेला अस्पताल की ओपीडी में बैठाने का प्लान था। लेकिन सुबह जिला अस्पताल पहुंचे इन डाक्टरों ने ओपीडी के बजाय फील्ड में भेजने की बात कही। टीम के लीडर और एएमसी के प्रोफेसर डा. अंजुम परवेज ने जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख अधीक्षक को बताया कि उनकी टीम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र या ऐसी जगह भेजा जाए जहां आपदा पीड़ित लोग ज्यादा से ज्यादा पहुंच रहे हों। उनकी सलाह थी कि एक या दो डाक्टर ओपीडी कर सकते हैं, अन्य को फील्ड में भेजा जाए। जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख अधीक्षक डा. राजेश गुप्ता ने दल के सदस्यों को सीएमओ से वार्ता करने को कहा। टीम ने अपनी बात सीएमओ के सामने रखी। लेकिन, सोमवार शाम तक डाक्टरों की कहां ड्यूटी लगाई जाए, इस पर निर्णय नहीं हो पाया। जिसके चलते पूरे दिन डाक्टर खाली बैठे रहे। जबकि हरिद्वार के सरकारी अस्पतालों में रोगियों की भीड़ इस कदर थी कि कहीं पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
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टीम रविवार को रिपोर्ट कर चुकी थी, लेकिन सोमवार को दिनभर टीम को कहां भेजना है, इस पर आदेश नहीं हुआ। सीएमओ ने जिलाधिकारी से अनुमति की बात कही है। शाम तक कुछ नहीं हुआ। उनकी टीम ऋषिकेश के लिए रवाना हो गई है। मंगलवार से हम ऋषिकेश या जौलीग्रांट में सेवाएं देंगे।
-डा. अंजुम परवेज, एएमसी टीम के लीडर
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अलीगढ़ मेडिकल कालेज की टीम ने फील्ड में सेवाएं देने का प्रस्ताव दिया था। उन्हें यह भी कहा गया था कि जिलाधिकारी जो आदेश देंगी उन्हें वहां भेजा जाएगा।
– डा. दीपा शर्मा, सीएमओ हरिद
सिर्फ चार डाक्टर की चल रही ओपीडी
हरिद्वार। जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल और मेला अस्पताल ही नहीं बल्कि बाढ़ प्रभावित लक्सर और खानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डाक्टरों का अभाव है। आलम यह है कि इतने बड़े जिले के सरकारी अस्पतालों में एक फिजिशियन तक तैनात नहीं है। तबादलों की मार झेल रहे मेला अस्पताल में महज दो डाक्टर शेष हैं। जिला अस्पताल में स्थिति यह है कि केवल चार डाक्टरों की ओपीडी चल रही है। जबकि बाकी डाक्टर वीआईपी ड्यूटी, पोस्टमार्टम ड्यूटी और अन्य ड्यूटी में व्यस्त चल रहे हैं। ऐसे में शिविर लगाना तो दूर अस्पताल में मरीजों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं हैं।
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जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप
हरिद्वार। जिला अस्पताल में वर्तमान में प्रमुख अधीक्षक का पद खाली पड़ा है। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा. राजेश गुप्ता प्रमुख अधीक्षक का चार्ज संभाल रहे हैं। लेकिन जब से आपदा आई है, तब से डा. गुप्ता दौड़भाग में हैं। कभी प्रशासन की बैठक तो कभी वीआईपी ड्यूटी। कोर्ट ड्यूटी और प्रशासनिक कामों की व्यस्तता के चलते वह ओपीडी में नहीं बैठ पा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में कई दिनाें से अल्ट्रासांउड सेवा ठप पड़ी
डा. चुफाल और डा. अरोड़ा के बैठने से राहत
हरिद्वार। जिला अस्पताल में आर्थो सर्जन डा. जेएस चुफाल ने बैठना शुरू कर दिया है। डा. चुफाल अवकाश पर चल रहे थे, बीच में उनके स्थानांतरण के आदेश भी जारी हो गए थे। लेकिन आपदा के मद्देनजर स्थानांतरण की रोक को देखते हुए उन्होंने फिलहाल जिला अस्पताल में सेवाएं देना शुरू कर दिया है। डा. चुफाल की मौजूदगी से मरीजों को खासी राहत मिली है। दिनभर ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही।
