
हरिद्वार। सीपीओ की परीक्षा में नकल कराने के लिए गिरोह के सरगना कुलदीप राठी ने परीक्षा में बैठने वाले चार युवकों को रुड़की के एक होटल में प्रशिक्षण दिया था। इसमें वट्स एप्लिकेशन और ब्लूटुथ का प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी गई थी। यही नहीं परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर जल्द से जल्द बताने के लिए कुछ दूसरे लोगों से भी फोन पर मदद ली जा रही थी। इसमें एक महिला को भी शामिल किया गया था।
कर्मचारी चयन आयोग की राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली सीपीओ परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह को नगर कोतवाली पुलिस ने हिमगिरि होटल से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरोह के कब्जे से 30 मोबाइल फोन और ब्लूटुथ बरामद हुए थे। एसएसपी राजीव स्वरूप ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट का सहयोग लेने की बात कही है। पूछताछ के लिए आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की भी तैयारी है। सूत्रों के अनुसार नकल के लिए गिरोह के सरगना कुलदीप राठी निवासी नारसन मंगलौर ने रुड़की के एक होटल में चार परीक्षार्थियों को नकल से पूर्व बताया था कि ब्लूटुथ और वट्स ऐप से पेपर मिलते ही कैसे नकल की जाएगी। रविवार को गिरोह के सदस्य हरिद्वार के होटल में नकल के दौरान परीक्षार्थियों के अलावा दूसरे लोगों से भी फोन पर लगातार बातें कर रहे थे। इनकी लोकेशन गाजियाबाद और मंगलौर के आसपास आई है। सूत्रों के मुताबिक नकल कराने वाले दूसरे जानकार लोगों से प्रश्नपत्र तेजी से हल करने में मदद ले रहे थे।
फर्जी आईडी का किया इस्तेमाल
हरिद्वार। अभी तक की जांच में पता चला है कि यह गिरोह फर्जी आईडी से सिम लेकर मोबाइल फोन से नकल को अंजाम दे रहा था। कुलदीप राठी ने परीक्षार्थियों को फर्जी आईडी से सिम लेकर मुहैया कराए थे। खुद भी वह फर्जी आईडी पर लिया गया सिम इस्तेमाल कर रहा था।
एक लाख में हुआ था सौदा
हरिद्वार। एक परीक्षार्थी से एक लाख रुपये में प्रश्नपत्र हल कराने का सौदा हुआ था। सूत्रों के मुताबिक परीक्षार्थियों से लिखित परीक्षा पास कराने के एवज में एक-एक लाख रुपये मांगे गए थे। कितने परीक्षार्थियों से पैसे लिए थे इसकी जांच की जा रही है।
कोचिंग संस्थान में पढ़ा चुका आरोपी
हरिद्वार। नकल गिरोह के सरगना कुलदीप राठी ने नारसन मंगलौर में अपनी छवि प्रतियोगी परीक्षाओं के मास्टर के तौर पर बना रखी थी। उसने कुछ दिनों तक दिल्ली के कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने का काम भी किया है।
