पीने योग्य नहीं अलावलपुर में पानी

हरिद्वार। डायरिया की चपेट में आए अलावलपुर गांव का पानी पीने योग्य नहीं हैं। गांव का दूषित पानी ही डायरिया फैलने की जड़ बना हुआ है। आईडीएसपी टीम के पहुंचने के बाद गांव में स्थिति नियंत्रण में है। सोमवार को टीम ने गांव में पीड़ित मरीजों को उपचार देने के साथ-साथ एहतियात बरतने की भी सलाह दी।
अलावलपुर गांव में डायरिया फैलने की खबर को ‘अमर उजाला’ ने 20 जून को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम भेजकर शिविर लगाया। लोगों को उपचार तो मिला, लेकिन रोजाना नए-नए मामले सामने आने से हालात नियंत्रण में नहीं थे। 23 जून को आईडीएसपी और स्वास्थ्य विभाग के सीनियर डाक्टरों की टीम गांव भेजी गई। ऐपिडेमेलॉजिस्ट डा. नवनीत किशोर ने बताया कि गांव में रविवार और सोमवार को दोनों दिन मरीजों को उपचार देने के अलावा गांव में बीमारी की जड़ तक पहुंचा गया। गांव से पानी के पांच सैंपल भरे गए। यह सभी जांच में फेल आए हैं। पानी में मलयुक्त संक्रमण की पुष्टि हुई है। बताया कि गांव का वाटर लेबल काफी ऊपर है, बरसात के बाद पानी का लेबल और ऊपर आ गया है, जिसके कारण पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं है। दूसरी वजह ग्रामीण खुले में शौच करते हैं, ऐसे में बरसात के दौरान यह भूजल में मिल गया और पानी संक्रमित हो गया है। ग्रामीणों को क्लोरिन की गोलियां दी गई हैं। गांव के सभी हैंडपंप में दवाएं डाली गई हैं। ग्रामीणों को उबला पानी पीने, बासी भोजन न खाने और बिना हाथ धोए भोजन न करने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को केवल दो मरीज डायरिया से पीड़ित मिले हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है। विभागीय टीम में डा. एलडी पंत, डा. एचके सिंह, गुरनाम सिंह, जगदीश सिंह, अंकित अग्रवाल, सुमित सक्सेना, नागेन्द्र आदि शामिल थे।
इनसेट
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो सचल दल और नौ टीमें
हरिद्वार। स्वास्थ्य विभाग ने लक्सर और खानपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो सचल दल और नौ टीमें भेजी हैं। यह टीमें गांवों में पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि लक्सर और खानपुर के क्षेत्रों में कीटनाशक छिड़काव कराया जा रहा है। दूषित पानी के चलते लोगों को क्लोरिन की दवाएं दी जा रही हैं। उन्हें पानी में क्लोरिन की गोलियां डालकर पीने की सलाह दी जा गई है। टीमों को कुछ बुखार और उल्टी दस्त के रोगी मिल रहे हैं। लेकिन अभी किसी महामारी के फैलने की सूचना नहीं है।

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