स्वयं सेवी संस्थाओं ने लगाए शिविर

गोपेश्वर। बदरीनाथ और गोविंदघाट से लौट रहे तीर्थयात्रियों की मदद को बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ, पीपलकोटी, मायापुर, चमोली, नंदप्रयाग और सोनला में विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाआें ने निशुल्क राहत शिविर लगाए हुए हैं। पीड़ित तीर्थयात्रियों को वाहनों तक ही खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। चमोली में हर एक वाहन में बैठे तीर्थयात्रियों को बुरांस का जूस दिया जा रहा है। हाईवे पर रोटरी क्लब, देहरादून, व्यापार संघ चमोली, व्यापार संघ रानीखेत, व्यापार मंडल गढी, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल ने शिविराें में भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं जुटाई है। चमोली में स्थानीय होटल और लॉज व्यवसायियों द्वारा तीर्थयात्रियों को ठहरने के लिए नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है।

मदद को बढ़े हाथ
गौचर। आपदा पीड़ितों की मदद के लिए गौचर के स्थानीय लोगों और कुछ कर्मचारी भी आगे आए हैं। हवाई पट्टी में स्थित राहत शिविर में महिलाएं और कुछ कर्मचारी पीड़ितों के लिए खाना बनाने और उन्हें भोजन करा रहे हैं। दूसरी तरफ सामाजिक भावना को लेकर कुछ युवा केमिस्ट, ड्रगिस्ट एसोसिएशन अलीगढ़ और आशाराम बाबू के स्वयं सेवक भी पीड़ितों की मदद करने में जुटे हैं।
फोटो फाइल नेम-23जीओपी02.जेपीजी

नारायण आपदा कोष गठित
नारायणबगड़। स्थानीय युवाओं और व्यापार संघ ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए नारायण आपदा कोष गठित किया है। कोष के नाम पर एसबीआई में एक खाता भी खोला गया है, जिसे फेसबुक पर भी डाला गया है। कोष के संरक्षण और देखरेख के लिए समिति का भी गठन किया गया है। इधर रविवार को कोष के लिए क्षेत्र की श्रीगुरु विकास समिति ने क्षेत्र के 24 गांवों के ग्रामीणों द्वारा एकत्र की गई 19 हजार 233 रुपये की धनराशि व्यापार संघ को सौंपी है। वहीं जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम की पहल पर आपसी सहयोग से एकत्र धन से विकास विभाग के कर्मचारियों ने 14 परिवारों को बर्तन और जरूरी सामान दिया। इस मौके पर बार कौंसिल के जिलाध्यक्ष भूपाल सिंह रावत, विजयपाल सिंह बुटोला ने भी नकद धनराशि प्रभावितों की मदद के लिए दी है।
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यात्रियों की मदद को बढ़ रहे है हाथ

– यात्रियों का टिहरी से पहुंचाने का सिलसिला जारी
– टीएचडीसी व हिंदुस्तान कर रही यात्रियों की मदद

नई टिहरी। केदारघाटी में मची तबाही में फंसे यात्रियों का गुप्तकाशी-घनसाली के रास्ते टिहरी पहुंचने का सिलसिला जारी है। प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए कोटीकालोनी, खांडखाला, घनसाली और चंबा में राहत शिविर लगाए गए हैं। रविवार को भागीरथीपुरम से 150 घोड़े-खच्चर वाले एवं 160 से अधिक यात्री गुजरे। हिंदुस्तान कंपनी ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर 23 सौ पीड़ित यात्रियों को प्राथमिक उपचार किया। टीएचडीसी इंडिया ने कोटीकालोनी में मेडिकल कैंप लगाकर यात्रियों को लंगर करवा रहे हैं। इसके साथ ही प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने बौराड़ी, कोटीकालोनी, चंबा, घनसाली, नागरिक मंच, मिलन केंद्र प्रबंधन समिति, गायत्री शाक्तिपीठ, होटल एसोएिशन, आल इंडिया वर्कर फेडरेशन विस्थापित संघर्ष समिति, रामश्याम गौ सेवा समिति और जिला एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने यात्रियों को जलपान करवाकर गंतव्य तक पहुंचाने में मदद की।
प्रभावितों की मदद को आगे आए कई संगठन
पौड़ी। विभिन्न संगठनों ने आपदा प्रभावितों की मदद को खाद्य सामग्री, कपड़े और आर्थिक सहायता दी। टैक्सी मैक्सी वाहन स्वामी और वाहन चालक कल्याण समिति ने दो गाड़ियां पैक्ड फूड, राशन और पानी पीने के दो वाहन प्रभावित क्षेत्र में भेजे। घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कालेज कर्मचारी संघ, ऊर्जा निगम ने जरूरी सामान भिजवाने के अलावा आर्थिक मदद की है। इसके अलावा शहर के होटल स्वामी सतेंद्र नेगी और अन्य लोगों ने प्रभावितों की मदद को खाद्य सामग्री से भरे दो छोटे वाहन क्षेत्रों में भेजे हैं।
ग्रामीणों ने यात्रियाें के
लिए तैयार किया पुल

उत्तरकाशी। सड़क कट जाने से गोलमू-सोनगाड़ की चट्टान से फिसलकर हुई मौत के बाद हुरी तथा सुक्की के ग्रामीणों ने यहां अस्थाई पुल का जुगाड़ कर दिया है। इससे गंगोत्री की ओर से लौट रहे यात्रियों को राहत मिली है। स्थानीय ग्रामीणों ने बीआरओ के कुछ मजदूरों तथा उनसे रोड सेफ्टी में प्रयुक्तलोहे की पट्टी का प्रयोग कर पुल तैयार किया। अब चट्टान के बजाय हर्षिल- सुक्की से उत्तरकाशी की ओर से पैदल चलने वाले यात्री इसी पुल से होकर आ रहे हैं। पुल तैयार करने वाले गांव के मोहन सिंह तथा हुरी गांव के दलीप व रमेश ने बताया कि चट्टान से फिसल के कई यात्रियों की मौत हुई होगी।

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