
रुद्रपुर। जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान चली गई और कई परिवार तबाह हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान नदी के किनारे बसे लोगों और निर्माण को हुआ। बावजूद इसके प्रशासन और अपने शहर के लोगों ने सबक नहीं लिया। यहां कल्याणी नदी के किनारे निर्माण जारी है जबकि नदी से सौ मीटर के दायरे में निर्माण नहीं किया जा सकता है। प्रशासन की लापरवाही के चलते इस मानक का पालन नहीं हो रहा है।
रुद्रपुर में कल्याणी नदी बहती है। यह टांडा, पंतनगर, सिडकुल क्षेत्र से होकर जगतपुरा, ट्रांजिट कैंप, भूतबंगला, रंपुरा से रामपुर रोड से होते हुए आगे को निकलती है। नदी के आसपास सैकड़ों मकान बने हैं और नये निर्माण भी जारी हैं। तेज बारिश में यह नदी उफान पर रहती है और इसके आसपास बने घर भी जलमग्न हो जाते हैं। नदी से बचने के लिए लोगों को रिश्तेदारों और स्कूलों में शरण लेनी पड़ती है।
जगतपुरा से रामपुर रोड तक नदी का प्रवाह करीब तीन किमी क्षेत्र में है। नदी के किनारे लगभग पांच सौ मकान बने हुए हैं। नियमानुसार नदी के समीप आवास नहीं बनाए जा सकते हैं लेकिन जिला प्रशासन की मिलीभगत से कल्याणी नदी के किनारे भवन खड़े हो गए। अभी मकानों का निर्माण जारी है। कल्याणी नदी उफान पर आई तो करीब 20 हजार लोग प्रभावित होंगे।
