
धर्मशाला। चालू वित्त वर्ष में अभी तक एसएसए के अंतर्गत बजट जारी नहीं हुआ है। ऐसे में सर्व शिक्षा अभियान के तहत होने वाले सभी कार्य लटक गए हैं।
जानकारी के अनुसार योजना के तहत वित्त वर्ष 2012-13 के लिए जारी हुए बजट को भी मार्च माह में एक सप्ताह रहते ही वापस ले लिया गया है। योजना के बचे हुए करोड़ों रुपये का बजट भी 22 मार्च से पहले ही वापस ले लिया है। जबकि चालू वित्त वर्ष में तीन माह बीत जाने के बाद भी कोई बजट जारी नहीं हुआ है। इसके चलते योजना के तहत शिक्षा क्षेत्र में होने वाले सभी विकास कार्यों पर ब्रेक लग गई है। वहीं जानकारी के अनुसार प्रदेश में इस योजना को बंद करने की तैयारी है। 2011 में पूरी तरह से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक करोड़ों का बजट खर्च हो चुका है। इससे स्कूलों में भवन से लेकर शौचालय तक सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। लेकिन अब अचानक योजना के तहत बजट न आना एसएसए के बंद होने की ओर संकेत दे रहा हैं। वहीं प्रदेश सरकार की एसएसए को वर्ष 2016 तक चलाए रखने की योजना है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से चालू वित्त वर्ष में कोई बजट जारी न करने के चलते प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान पर ब्रेक लग गई है। वहीं बरसात की छुट्टियों में अध्यापकों को दिए जाने वाला प्रशिक्षण भी इस बार बजट के अभाव के चलते नहीं दिया गया है।
सिविल कार्यों के लिए जारी नहीं हुआ बजट
सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी सतीश धीमान का कहना है कि योजना को अभी चलाया जा रहा है। एसएसए के तहत चालू वित्त वर्ष में सिविल कार्यों के लिए कोई बजट जारी नहीं किया गया है। जबकि टीचर ट्रेनिंग के लिए बजट जारी किए जाने की सूचना है।
