राज्य और केंद्र के बीच है तालमेल की कमी: कोश्यारी

नई टिहरी। पूर्व सीएम एवं राज्यसभा सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि केदारनाथ घाटी में फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों की जान बचाना पहली चुनौती है। उन्होंने सरकार के आपदा प्रबंधन तंत्र पर सवाल उठाते हुए आपदा से निपटने में आ रही परेशनियों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार में तालमेल की कमी बताई है। उन्होंने कहा कि सीएम पहले दिन हीं केंद्र को सही जानकारी देते तो राष्ट्रीय आपदा घोषित कर सेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव काम में जुट जाती।
टीएचडीसी के गेस्ट हाउस में केदारनाथ घाटी में रवाना होने से पहले पूर्व सीएम कोश्यारी ने कहा कि आपदा प्रभावितों को सुरक्षा देने के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। लोग भूखे और प्यासे मर रहे हैं, लेकिन पांच दिन बाद भी लोगों तक राहत नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने पीएम के प्रभावितों की मदद के लिए की गई एक हजार करोड़ रुपये की सहायता को नाकाफी बताया। उन्होंने केंद्र से बचाव एवं राहत कार्य में और सहायता मुहैया कराने के साथ ही राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। इस मौके पर भाजपा नेता डा. धन सिंह रावत, जिलाध्यक्ष विनोद सुयाल और रागिनी भट्ट मौजूद रही।

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