
कर्णप्रयाग। आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री के नाम पर छह रुपये किलो की दर पर चावल और 22 रुपये प्रति लीटर केरोसिन दिया जा रहा है।
दो दिन पूर्व पूर्ति विभाग ने प्रशासन के निर्देश पर आपदा प्रभावितों को त्वरित राहत सामग्री के रूप में एपीएल का पांच-पांच किलो चावल और केरोसिन वितरित किया। राहत के नाम पर विभाग द्वारा मूल्य वसूलने को लेकन लोगों में भारी रोष है, लेकिन विभाग का कहना है कि उन्हें ढुलान और ट्रांसपोर्ट का ही भाड़ा उत्पाद के मूल्य से अधिक पड़ रहा है। वहीं सहायक पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने बताया कि राशन के ढुलान पर भाड़ा अधिक पड़ रहा है। दो दिन पूर्व वितरित की गई राहत सामग्री का मूल्य लिया गया था। लेकिन अब पटवारी ने उन्हें प्रभावितों की सूची सौंपी है। अब नि:शुल्क दस किलो चावल वितरित किया जा रहा है।कर्णप्रयाग। आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री के नाम पर छह रुपये किलो की दर पर चावल और 22 रुपये प्रति लीटर केरोसिन दिया जा रहा है।
दो दिन पूर्व पूर्ति विभाग ने प्रशासन के निर्देश पर आपदा प्रभावितों को त्वरित राहत सामग्री के रूप में एपीएल का पांच-पांच किलो चावल और केरोसिन वितरित किया। राहत के नाम पर विभाग द्वारा मूल्य वसूलने को लेकन लोगों में भारी रोष है, लेकिन विभाग का कहना है कि उन्हें ढुलान और ट्रांसपोर्ट का ही भाड़ा उत्पाद के मूल्य से अधिक पड़ रहा है। वहीं सहायक पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने बताया कि राशन के ढुलान पर भाड़ा अधिक पड़ रहा है। दो दिन पूर्व वितरित की गई राहत सामग्री का मूल्य लिया गया था। लेकिन अब पटवारी ने उन्हें प्रभावितों की सूची सौंपी है। अब नि:शुल्क दस किलो चावल वितरित किया जा रहा है।
