
चमोली। एक सप्ताह से भूखे, प्यासे अंबाला के तीर्थयात्री गोविंद धाम घांघरिया से रस्सी के सहारे अलकनंदा नदी पार कर गोविंदघाट पहुंचे, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
करीब 60 किमी की दूरी तय कर चमोली पहुंचे तीर्थयात्रियों ने थोड़ी देर विश्राम कर ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए। तीर्थयात्री अमरेंद्र सिंह ने बताया कि वे 16 जून को घांघरिया में ही रुके थे। 17 को उन्हें हेमकुंड साहिब जाना था, लेकिन भारी बारिश और लक्ष्मण नदी के उफान पर आने से वे हेमकुंड नहीं जा पाए। एक सप्ताह हमने घांघरिया में बिताया। जीतेंद्र सिंह ने बताया कि वे इस बार हेमकुंड साहिब ने जा पाए, वाहे गुरु की कृपा रही तो अगली बार आएंगे। हमने प्रकृति का जो तांडव यहां देखा था, वह कभी भूलाया नहीं जा सकता।
बदरीनाथ और घांघरिया से लाए जा रहे तीर्थयात्रियों को आपदा वाहनों से चमोली लाया जा रहा है। यहां से उत्तराखंड और यूपी परिवहन निगम की बसों में तीर्थयात्रियों को ऋषिकेश पहुंचाया जा रहा है।
