
रुद्रपुर। किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद दवा मुहैया कराने के मकसद से कृषि विभाग ने खाद और दवा की दुकानों में औचक छापेमारी की। इससे दुकानदारों में खलबली मच गई। छापेमारी के दौरान खाद के बारह व दवा के आठ नमूने लिए गए। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। नमूना फेल होने की दशा में विक्रेता के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज की जा सकती है। शनिवार को मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह के नेतृत्व में गठित विभागीय टीम ने महतोष मोड़, बाजपुर, सुल्तानपुर पट्टी और काशीपुर स्थित कीटनाशक दवा और खाद की दवा में छापेमारी की गई और दवा, खाद के नमूनों की जांच की। औचक छापेमारी से दुकानदार भौचक रह गए। धान की रोपाई के मद्देनजर किसानों को खाद व दवा गुणवत्तायुक्त ही मिले, इस उद्देश्य से मारे गए छापे के दौरान खाद के 12 व कीटनाशी दवा के आठ नमूने संदिग्ध पाए गए। टीम ने जांच के लिए इन्हें प्रयोगशाला में भेजने की तैयारी शुरु कर दी है। मुख्य कृषि अधिकारी सिंह ने बताया कि धान की रोपाई को देखते हुए विभाग ने स्वयं संज्ञान लेते हुए छापामार कार्रवाई की। बताया कि नमूना फेल होने की दशा में विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक व कीटनाशी दवा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। टीम में कृषि रक्षा अधिकारी वीपी मौर्या, पान सिंह भाकुनी, केडी बैला, सुधीर पांडे आदि मौजूद थे।
