
रानीखेत। बारिश की संभावनाओं के मद्देनजर प्रशासन और कैंट प्रशासन ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील इंदिरा बस्ती का निरीक्षण किया। खतरे की जद में आ रहे 42 परिवारों को चिन्ह्ति कर मकान खाली करवाने के नोटिस जारी कर दिए हैं। उन्हें मिशन इंटर कालेज में शिफ्ट किया जाएगा। बस्ती में अवैध निर्माणकर्ताओं को कैंट के माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे। तीन साल पहले आपदा के कारण बस्ती में भारी भूस्खलन भी हुआ था।
नगर से सटे इंदिरा बस्ती में 95 परिवार निवास करते हैं। यहां की भूमि कच्ची है। 2010 में यहां भारी भूस्खलन हुआ था और कई कच्चे मकान इसकी चपेट में आ गए थे। इसके बाद प्रशासन ने भूगर्भीय सर्वेक्षण कराकर इसे आपदा की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया था। हालांकि इस बार अभी तक दैवीय आपदा का प्रभाव नहीं पड़ा है। फिर भी प्रशासन ने बारिश की संभावनाओं के मद्देनजर निरीक्षण किया। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने बताया कि तहसीलदार ने 42 परिवारों को चिन्ह्ति कर मकान छोड़ने के नोटिस जारी कर दिए हैं। इन लोगों को मिशन इंटर कालेज में विस्थापित किया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि अवैध निर्माणकर्ताओं के लिए कैंट प्रशासन के माध्यम से नोटिस जारी कराए जाएंगे। कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी ओमपाल सिंह ने बताया कि पीपीआई एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार धनी राम, कानूनगो अर्जुन टम्टा, कैंट बोर्ड के कृपाल सिंह, ईश्वर सिंह, जेई अजय पांडे सहित तमाम लोग मौजूद थे।
