गड़बड़ी के लिए पानी-पानी अफसरों ने मांगी माफी

शिमला। ढली वार्ड के साथ लगते लंबीधार क्षेत्र में पानी के दो कनेक्शन देकर नगर निगम फंस गया है। शनिवार को 2008 से लेकर कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों ने आयुक्त ऑफिस के बाहर नारे लगाए, जिसके बाद निगम अफसरों ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। पहले लंबीधार में पाइप लाइन बिछाने के लिए सात लाख रुपये जमा करवाने की बात करने वाले अफसर अब बिना राशि जमा करवाए कनेक्शन देने के लिए राजी हो गए हैं।
पार्षद शैलेंद्र चौहान की अगुवाई में शनिवार को लंबीधार के लोगों अजय श्याम, राजन कालटा, हरीश चौहान, सुनील चौहान, विनोद चौहान, नारायण धीमान, सुरेंद्र, यशपाल, सुशील, संजीव, अरविंद, इंद्र, अमरजीत सगैइक सहित अन्य ने आयुक्त आफिस में जमकर हंगामा किया। पार्षद ने कहा कि निगम सदन में बाकायदा प्रस्ताव पारित हुआ है कि इस क्षेत्र में पानी के कनेक्शन देने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। जब तक क्षेत्र के लोग निगम के खाते में सात लाख रुपये जमा नहीं करवाएंगे तब तक यहां कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीन लाख रुपये एकत्र भी कर लिए हैं लेकिन इसी बीच नगर निगम ने क्षेत्र में 2012 में आवेदन करने वाले दो लोगों को पानी के कनेक्शन दे दिए। 2008 से आवेदन किए हुए लोगों को पहले सात लाख देने का फरमान सुनाया। पार्षद ने कहा कि निगम के अफसर चहेतों को कनेक्शन बांटने में लगे हैं जबकि क्षेत्र के लोग अभी तक लाखों रुपये का पानी खरीदकर गुजारा कर रहे हैं। हम दो कनेक्शन काटने के हक में नहीं हैं, लेकिन इसी तर्ज पर अन्य लोगों को भी कनेक्शन दिए जाएं। इस दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए गए।

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रिश्वत के आरोप पर आयुक्त ने बैठाई जांच
लंबीधार के लोगों ने आयुक्त के समक्ष अफसरों पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए। लोगों ने कहा कि बिना रिश्वत लिए एमसी का कोई भी अफसर फाइल को आगे नहीं भेजता है। लंबीधार के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने मामले की जांच करने का आश्वासन दिया। आयुक्त ने कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबीधार में राशि लिए बिना जल्द से जल्द कनेक्शन मुहैया कराने की व्यवस्था की जाएगी।

फिर किरकिरी करवा बैठा एमसी प्रशासन
शनिवार को हुए घटनाक्रम से नगर निगम अफसर एक बार फिर अपनी किरकिरी करवा बैठे हैं। अगर चरणबद्ध तरीके से लंबीधार में कनेक्शन दिए जाते, तो लाइन बिछाने को निगम को सात लाख रुपये भी मिलने थे लेकिन नियमों को दरकिनार कर दिए गए दो कनेक्शनों के चलते अब सात लाख रुपये भी निगम के हाथ से फिसल गए हैं।

उलझ पडे़ एपी ब्रांच के जेई
आयुक्त के आफिस में जिस वक्त लंबीधार के लोग निगम अफसरों पर रिश्वत लेने के आरोप लगा रहे थे, तो वहां बैठे एपी ब्रांच के एक जेई को यह सब नागवार गुजारा। जेई उठकर लोगों से उलझ पड़े। इस पर बिफरे लोगों ने एपी ब्रांच में कौन सा अधिकारी, किस स्तर पर रिश्वत लेता है, इसका खुलासा तक कर दिया। बाद में जेई साहब बगले झांकने को मजबूर हो गए।

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