सरकाघाट में दिलचस्प होंगे नतीजे

टिहरा (मंडी)। मंडी संसदीय क्षेत्र उपचुनाव प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है। राजनीतिक विशेषज्ञों की नजरें सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र पर विशेष रूप से बनी हुई है। पिछले कुछ चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण रहे सरकाघाट उपमंडल का एक विधानसभा हलका धर्मपुर अब मंडी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। राजनीति के जानकार इसे कांग्रेस के लिए बड़ी राहत बता रहे हैं। मंडी उपचुनाव में उपमंडल के दूसरे विधानसभा हलके सरकाघाट के लगभग 78,000 वोटरों का रुझान रोचक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकाघाट में लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव हार चुकी कांग्रेस ने अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। दूसरी और भाजपा भी अपनी बढ़त बरकरार रखने के लिए प्रयासरत है। सरकाघाट पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का दूसरा घर भी माना जाता है। ऐसे में यहां के राजनीतिक समीकरण और भी दिलचस्प हो गए हैं। सात बार सरकाघाट विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व मंत्री रंगीला राम राव के लिए यह उपचुनाव एक तरह से अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई बन चुकी है। सरकाघाट मुख्यतया कर्मचारी बहुल क्षेत्र है। ऐसे में यहां कर्मचारियों से संबंधित मुद्दे भी हावी रहने की उम्मीद है। आम वोटर सहित कर्मचारियों का रुझान भी पार्टी में बढ़त दिलाने में निर्णायक साबित होगा। बहरहाल, सरकाघाट से इस बार जनता का रुझान किस तरफ उबरकर सामने आता है, यह जल्द साफ हो जाएगा।

Related posts