प्रशासन से मदद नहीं मिली तो खुद जुट गए

सांगला (किन्नौर)। सोलह और सत्रह जून को हुई मूसलाधार बारिश के बाद अब सांगला में जन जीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। सरकारी तंत्र की ओर से कोई खास मदद न मिलने पर लोगों की मदद के लिए स्कूली बच्चे आगे आए हैं। सांगला के कुपा और राकठालो में लोगों के घरों में बारिश का पानी और मलबा घुस गया है। इसके साथ ही लोगों के सेब बगीचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
राकठालो निवासी रविंद्र चाड़कुम के दो मंजिला मकान के बारह कमरों सहित सेब के सौ पौधों को नुकसान पहुंचा है। ज्ञान चंद नेगी के दो मंजिला मकान के दस कमरों सहित सेब के चार सौ पौधों, इंद्र प्रकार नेगी के आठ कमरों और सेब के सौ पौधों, लेन सिंह नेगी के छह कमरों और दो मंजिला मकान, जय किशन नेगी के तीन कमरों सहित सेब के पौधों, प्यारे लाल नेगी के दस कमरों, सेवा राम नेगी के दस कमरों, रणवीर नेगी के आठ, तेजेंद्र नेगी के आठ, जगत पाली के आठ, रोशन नेगी के आठ, केशव के आठ, कपिल नेगी, ठाकुर दास नेगी सहित करीब क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक लोगों के घरों और सेब के हजारों पौधों को नुकसान पहुंचा है। लेकिन, प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने के बाद इन लोगों ने स्कूली बच्चों के साथ मिल कर घरों से मलबा हटाने और जरूरत के सामान को निकालने का काम शुरू कर दिया है। ये लोग घरों से सामान निकाल कर अपने रिश्तेदारों के घर में ले जा रहे हैं। इन लोगों का कहना है प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने पर अपने आप की राहत कार्य करने पड़ रहे हैं। लोगों ने बताया कि रावमापा सांगला के छात्र-छात्राएं उनके राहत कार्य में मदद कर रहे हैं।

बाक्स
इधर,कुपा के तहत आने वाले गानेस्ती नाले में बाढ़ आने से भिष्म सिंह ठाकुर,धर्म सिंह नेगी,किशन सिंह नेगी,प्यारे लाल नेगी,इश्वर दास नेगी, लक्ष्मण सिंह नेगी और भक्त बहादूर नेगी,राधा नेगी ने बताया कि बाढ़ आने से उनके मकान,जमीन और सेब के बागीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। उक्त लोगों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की गई है। लोगों का क हना कि आने वाली बरसात का भी डर सता रहे है।

Related posts