महाविद्यालय में खामियों की जांच शुरू

खटीमा। महाविद्यालय के छात्रों द्वारा महाविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायत राज्यपाल अजीज कुरैशी से की थी। जिसपर राज्यपाल ने मामलों की जांच के निर्देश कुमाऊं विश्वविद्यालय के वीसी को दिए थे। शुक्रवार को दो सदस्यीय ने कार्रवाई करते हुए महाविद्यालय पहुंचकर जांच प्रारंभ की। जांच में सर्वप्रथम महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान बीए प्रथम वर्ष के छात्र द्वारा कथित रूप से परीक्षा के दौरान कापी फाड़ने और महाविद्यालय के कंप्यूटर किसी अन्य निजी विद्यालय में चलाए जाने के मामले की जांच की और छात्र-छात्राओं के लिखित बयान लिए। इस दौरान कई छात्र-छात्राओं ने उन्हें पांच वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिलने की जानकारी दी। जांच अधिकारी संयुक्त शिक्षा निदेशक गंगोत्री त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक रजनीश पांडे ने कहा कि जांच 16 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।
राज्यपाल को सौंपे शिकायती पत्र में छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के प्राचार्य पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। जिसमें टेंडर व निर्माण, दूसरी जगह पर निजी कालेज संचालित करने, प्रभारी प्राचार्य के पद का लाभ उठाते हुए अपनी पत्नी को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति देने, महाविद्यालय के 30 कंप्यूटरों को किसी दूसरी जगह लगाने, प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर छात्र-छात्राओं से दो से सात हजार रुपए वसूलने, महाविद्यालय के एक विज्ञान शिक्षक पर नकल कराने व फर्जी अंक तालिकाएं उपलब्ध कराने व प्रयोगात्मक परीक्षा में अच्छे नंबर देने के एवज में छात्राओं के साथ अश्लीलता के आरोप लगाए। जांच में नकल के आरोपी नीरज भट्ट व उस दिन परीक्षा दे रहे अन्य छात्रों के बयान कलम बंद किए गए। उन्होंने मांग की कि बयान लेते समय महाविद्यालय स्टाफ का कोई भी व्यक्ति नहीं होना चाहिए। छात्र-छात्राओं के बयान लेने के बाद जांच टीम ने बीएड लैब को जारी 10 कंप्यूटरों में मात्र पांच मौके पर पाए। टीम ने यूजीसी लैब को सील कर दिया ताकि लैब में रखे सामान से छेड़छाड़ न हो। जांच अधिकारी संयुक्त शिक्षा निदेशक त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक पांडे ने कहा कि महाविद्यालय में ग्रीष्मावकाश होने के कारण जांच पूरी नहीं हो पायी है।

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