
उत्तरकाशी। तिलोथ और जोशियाड़ा क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित बेसब्री से डीएम को तलाश रहे हैं, लेकिन डीएम हैं कि मिलते ही नहीं। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों में रोष बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को उनका गुस्सा एसडीएम पर फूटा तो शुक्रवार को एडीएम निशाना बने। आक्रोशित पीड़ितों ने आपदा प्रबंधन कक्ष में डेरा डाले अधिकारियों की कुर्सियां बाहर फेंक कर रोष जताया।
16-17 जून की बाढ़ में अपना सब कुछ गवां चुके तिलोथ और जोशियाड़ा क्षेत्र के पीड़ित शासन-प्रशासन के उपेक्षित रवैये से खिन्न हैं। प्रभावितों के लिए न तो अब तक सिर छिपाने की व्यवस्था हो पाई है और न ही भोजन-पानी की। अधिकांश हिस्सों में बिजली-पानी की आपूर्ति भी सुचारु नहीं हो पाई है। सरकारी मशीनरी का पूरा ध्यान अब तक यमुनोत्री और गंगोत्री की ओर फंसे यात्रियों को निकालने तक है। ऐसे में अपनी उपेक्षा से खिन्न बाढ़ पीड़ितों में रोष बढ़ रहा है।
बीते रोज जोशियाड़ा के बाढ़ पीड़ितों ने एसडीएम केके सिंह को उनके कार्यालय से खदेड़ा तो शुक्रवार को तिलोथ के बाढ़ पीड़ितों ने आपदा कंट्रोल रूम में तोड़-फोड़ कर डाली। उन्होंने मौके पर मिले एडीएम बीके मिश्रा को जमकर खरी-खोटी सुनाई। यहां कैंप कर रहे शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार जब पीड़ितों के साथ मौका करने निकले तब उनका गुस्सा कुछ ठंडा हुआ। प्रदर्शन करने वालों में जिला पंचायत सदस्य सुरेश चौहान, आशीष सेमवाल, भाजपा के जगमोहन रावत, धृपाल पोखरियाल, दिनेश सेमवाल आदि समेत बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं।
