
देहरादून: उत्तराखंड में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जहां कुछ लोग पूरी कोशिश कर रहे हैं और उनकी रक्षा के लिए दुआएं की जा रहे हैं, ऐसे में प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे लोगों के प्रति मानव उदासीनता की शर्मनाक खबरें भी सामने आ रही हैं। बाढ़ के कारण यहां फंसे लोगों को एक परांठे के लिए 250 रुपए और चिप्स के एक छोटे से पैकेट के लिए 100 रुपए देने पड़ रहे हैं।
बाढ़ पीड़ित 56 वर्षीय देहरादून निवासी मनोहर लाल मौर्य ने कहा, ‘‘ मुझे एक छोटी कटोरी चावल के लिए 40 रुपए देने पड़े। वहां कहीं भी भोजन उपलब्ध नहीं है।’’ उत्तर प्रदेश के अमित गुप्ता के संबंधी गौमुख में फंसे हुए हैं। अमित ने अपने संबंधियों से बात करने के बाद बताया कि उनके संबंधियों को चिप्स के दो छोटे पैकेट और पानी की दो बोतलों के लिए 400 रुपए देने पड़े।
बाढ़ में फंसे अधिकतर लोगों के पास अधिक धन और सामान नहीं है और उनके लिए भोजन और पानी खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है। बाढ़ में फंसे एक सिख पर्यटक ने कहा कि कुछ स्थानीय लोग उनकी बेबसी का फायदा उठा रहे हैं।
पर्यटक ने कहा, ‘‘टैक्सी चालक पहले जहां जाने के लिए 1000 रपए लेते थे, अब वहां जाने के लिए 3000 से 4000 रपए देने पड़ रहे हैं। हमारा पूरा धन खर्च हो गया है। हम असहाय हैं।’’
रेलवे स्टेशन पर इंतजार कर रहे एक अन्य पर्यटक ने कहा, ‘‘दुकानदार 250 रपए में एक परांठा और 200 रपए में पानी की बोतल बेच रहे हैं। यह बहुत शर्मनाक बात है।’’ सैकड़ों लोगों को कई दिनों से खाने के लिए कुछ नहीं मिल पाने की खबरों के बीच अधिकारी प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री भेजने का प्रयास कर रहे हैं।
