
हरिद्वार। तीसरे दिन ट्रेनें का संचालन तो पटरी पर लौट आया। लेकिन, बसों का संचालन डगमगाता रहा। दोपहर तक दिल्ली और मुरादाबाद हाईवे पर बसों की टाइमिंग ठीक हुई। लेकिन, चंडीगढ़ रूट पर बसों को वाया पोंटा साहिब भेजा गया। ऋषिकेश, देहरादून, रुड़की, लक्सर आदि स्थानीय रूटों पर भी बसों के लिए मारामारी रही।
बीते दो दिन अंबाला में ट्रैक बाधित होने से अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी एक्सप्रेस, अमृतसर-देहरादून लाहौरी एक्सप्रेस, ऋषिकेश-जम्मूतवी हेमकुंड एक्सप्रेस, गंगानगर-हरिद्वार गंगा नगर एक्सप्रेस, बाड़मेर एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का संचालन बाधित था। लेकिन, बुधवार को सभी ट्रेनें समय पर संचालित हुई। जिससे हरिद्वार में फंसे हजारों यात्रियों को राहत मिली। हालांकि ट्रेनों में भारी भीड़ के चलते मारामारी रही।
वहीं हरिद्वार-मुरादाबाद और हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर भी यातायात रुक-रुक कर चला रहा। दोपहर तक इन हाईवे पर संचालित विभिन्न रूटों की बसों का संचालन सुचारु रहा। लेकिन, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर वाला रूट प्रभावित रहा। अंबाला के समीप रास्ता नहीं खुलने के चलते हरिद्वार से वाया पांवटा साहिब होकर बसों का संचालन हुआ। कुछ बसें सहारनपुर करनाल के रास्ते भी भेजी गई। बसों का आना भी इन्ही रूटों से रहा। बुधवार को हरिद्वार डिपों की कुल 163 बसों में से 45 फीसदी का संचालन दिल्ली रूट पर हुआ।
अंबाला वाला रूट अभी सही नहीं हुआ है। इसलिए पंजाब-हरियाणा वाली सेवाओं को वाया पांवटा साहिब और सहारनपुर से करनाल के रास्ते भेजा। बाकि रूटों पर संचालन बुधवार को ठीक रहा। बृहस्पतिवार तक हालात सामान्य होने की उम्मीद है। – विशाल शर्मा, वरिष्ठ स्टेशन इंचार्ज हरिद्वार रोडवेज
