
तिलबाड़ा। आपदा के कारण चाका गांव की अनुसूचित जाति की बस्ती उजड़ गई है। यहां के दो दर्जन से अधिक गांव में उफनती नदी में समा गए हैं। करीब 60 हेक्टेयर खेती भी बाढ़ में बह गए हैं। फिलहाल प्रभावितों को प्राइमरी स्कूल में लगाए गए राहत शिविरों में रखा गया है, लेकिन पुलों की जर्जर हालत के कारण यहां आवाजाही संभव नहीं हो पा रही है। जिससे राहत और बचाव कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। उधर, एसडीएम ललित नारायण मिश्र का कहना है कि अगर अगस्त्यमुनि तक वैकल्पिक मार्ग बना दिया जाए, तो हालात काबू में किए जा सकते हैं। जीआईसी अगस्त्यमुनि में भी यात्रियों के लिए राहत शिविर लगाया गया है। इसके अलावा व्यापार संघ भी विजयनगर में लंगर चला रहा है।
