
धारचूला/मदकोट/मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मल्लाजोहार के लिंगुरानी, पिलथी, लास्पागाड़ी, ल्वा, बुर्फू, मिलम, मर्तोली, गोंखा पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सुरिंगगाड़ का झूलापुल खतरे में आ गया है।
बलुवाकोट में 29 मकान काली में समा गए हैं। मदकोट में बुधवार दोपहर 12 बजे चरण सिंह महरा, धन सिंह महरा, भगत सिंह मर्तोलिया, द्रौपदी भंडारी, दिनेश भंडारी, बहादुर सिंह धामी, गोपाल सिंह रावत के मकान/दुकान के साथ ही प्राथमिक स्कूल भवन नदी में समा गया। झूलाघाट में 32 लोगों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। मवानीदवानी में तीन मकान ध्वस्त हुए हैं। दो लोग घायल हो गए हैं। धामीगांव में तीन मकान ध्वस्त हो गए हैं। होकरा के नाघर में हर सिंह मेहता का मकान ध्वस्त हो गया है। गंगोलीहाट मेें सात मकानों को क्षति पहुंची है। लाखतोली में सड़क ध्वस्त हो गई है। पिथौरागढ़ के गोगना ग्राम पंचायत में तीन पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। दो नहरों के साथ ही गोगना का संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। मनरेगा से हुए विकास कार्यों को भी क्षति पहुंची है। सीमांत खासकर धारचूला में संचार सेवा कारगर न होने से आपदा की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में दिक्कत हो रही है।
