घुत्तू में आपदा प्रभावितों की सुध लेने नहीं पहुंचा कोई

घनसाली (टिहरी)। तीन दिन पहले भिलंगना नदी में आई बाढ़ से घुत्तू कस्बे के बीस मकान और दुकानें ध्वस्त हो गए हैं। लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई राहत और बचाव कार्य नहीं किया गया है। बेघर लोगों ने रिश्तेदारों के घरों मे शरण ले रखी है।
केदार ग्लेशियर में बादल फटने से भिलंगना नदी में आई बाढ़ से घुत्तू कस्बे के 19 परिवारों के घर और दुकानें ध्वस्त हो गए है। सरकार और प्रशासन आपदा प्रभावितों को त्वरित सहायता कर राहत और बचाव कार्य करने के दावे कर रहे हैं। लेकिन घुत्तू कस्बे में आई आपदा के तीन दिन बाद भी प्रभावितों की सुध तक नहीं ली गई है।
ग्रामीण राम प्रसाद, गौर सिंह और सोबन सिंह का कहना है कि आपदा के कारण हमारे मकान नदी में समा गए है। खाने तथा पहनने के कपड़े तक नहीें है। लेकिन तीन दिन बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई भी हमारी सुध लेने नहीं आया है।

कोट-
मोटर मार्ग बंद होने के कारण घुत्तू नहीं पहुंच पाए। हालांकि पटवारी को क्षेत्र में भेज रखा है। आपदा पीड़ितों को प्राथमिकता के आधार पर आर्थिक सहायता दी जा रही है। -जगदीश लाल एसडीएम घनसाली

इनके बहे मकान
राम प्रसाद तिवारी,नरेश तिवारी, मुनेश तिवारी, सोबन सिंह राणा, गौर सिंह, मंगल सिंह, रणजीत सिंह, पूरण सिंह, इंद्रदेई, महाबीर , राम प्यारी, चंद्र शेखर,राम प्रसाद सेमवाल, मातबर सिंह, मोर सिंह, प्रेम सिंह, उदय सिंह, विजय सिंह, राम चंद्र सेमवाल, प्रेम सिंह गुसाईं

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