
उत्तरकाशी। बाढ़ से सड़क, संपर्क मार्ग और पुलों के बहने से गंगा घाटी के दर्जनाें गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। गांवों में बिजली-पानी की आपूर्ति तीन दिनों से ठप है। सपंर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने तथा पुलों के बहने से रसद का संकट भी गहराने लगा है।
रविवार को आई बाढ़ से असी गंगा पर डिगिला और संगमचट्टीचट्टी में बने वैकल्पिक पुल बहने से अगोड़ा, भंकोली, दंदालका, ढासड़ा, भंकोली, नौगांव, गजोली गांव का संपर्क कटा हुआ है। क्षेत्र के धर्मेंद्र सिंह पंवार, मोहनलाल, जसपाल, सोबेंद्र सिंह, राजेश, सुमन पंवार आदि ने बताया कि पुलों के बहने से कई परिवार छानियों में फंसे हैं। संगमचट्टी-अगोडा पैदल मार्ग भी कई स्थानाें पर क्षतिग्रस्त है। बेबरा नामे तोक पर भी पुल बहने से 40 से अधिक परिवार छानियों में फंसे हुए हैं। बताया कि गांवों में रसद का संकट भी गहराने लगा है। उधर, पिलंग गांव के अतर सिंह राणा ने बताया कि पिलंगना गाड़ के उफान पर आने से पिलंग व जड़ाव को जोड़ने वाली ट्राली भी बह गई है। जबकि 20 से 25 छानियों बह गई है। गांव के संपर्क मार्गों के साथ ही कृषि भूमि को भी क्षति पहुंची है। बताया कि गांव में रसद पहुंचाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। कई घरों में राशन खत्म होने से लोग पड़ोसियों से मांगने लगे हैं।
