हेलीकाप्टर तो साकेत जी के लिए आया है

उत्तरकाशी। मौसम खुले दो दिन हो चुके हैं। यमुनोत्री व गंगोत्री राजमार्ग पर जगह-जगह फंसे तीर्थयात्री सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। केवल सेना के हेलीकाप्टर ही हर्षिल में फंसे यात्रियों को निकाल रहे हैं।
नगर के उत्साही युवक दीपेंद्र पंवार, तिलक सोनी, आमोद पंवार ने गंगोत्री राजमार्ग के दुर्गम पड़ावों पर फंसे यात्रियों के लिए कुछ रसद जुटाई। उन्होंने मातली पहुंचकर वहां उतरे हेलीकाप्टर के पायलट से अनुरोध किया कि वह जब गंगोत्री की ओर जाए तो सिर्फ यह रसद वहां भूखे प्यासे यात्रियों तक पहुंचा दे। लेकिन पायलट ने टका सा जवाब दे दिया कि यह हेलीकाप्टर साकेत बहुगुणा के लिए आया है। इसमें राहत सामग्री नहीं ले जाई जा सकती। ऐसे में पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए इन युवकों को मायूस लौटना पड़ा।
गंगोत्री से लौटते हुए मातली में फंसे आगरा निवासी सुरेश चंद्र गोयल हृदयरोग के मरीज हैं। किसी ने जब बताया कि हेलीकॉप्टर की मदद से आपको देहरादून छोड़ा जा सकता है, तो वह किसी तरह मातली पहुंचे। लेकिन उन्हें भी पायलट ने यह बताते हुए बैरंग लौटा दिया कि यह हेलीकाप्टर साकेत जी के लिए आया है।

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