स्कूल में खामी पाई तो एक लाख जुर्माना

बिलासपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद निजी स्कूल प्रबंधनों पर कई शर्तें लग गई हैं। ऐसे में स्कूलों में खामियां पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का सीधा जुर्माना ठोका जा सकता है। इसके बाद भी यदि अधिनियम के अनुसार जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई तो स्कूल प्रबंधन पर दस हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना ठोका जाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 18 (5) में इसका स्पष्ट उल्लेख है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत स्कूल में खेल मैदान है या नहीं। भवन में बेंटीलेशन की सुविधा है। शिक्षक की योग्यता बगैरा-बगैरा। ऐसे तमाम पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी हो गया है। आरटीई लागू होने के बाद ऐसी कई औपचारिकताओं का पूरा किए बगैर चल रहे स्कूलों पर शिक्षा विभाग एक लाख रुपये तक का जुर्माना ठोक सकता है। उसके बाद भी यदि निर्धारित समय अवधि के भीतर औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई तो दस हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से पेनल्टी लगेगी। जिला उप निदेशक प्रीतम सिंह ढटवालिया ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अधिनियम में इसका स्पष्ट उल्लेख है। स्कूल बंद करने की भ विभाग से निजी स्कूल प्रबंधन को अनुमति लेनी होगी। वहां पढ़ रहे छात्रों की नजदीकी स्कूल में व्यवस्था के बाद ही स्कूल का बंद करने की अनुमति दी जाएगी। पहले संबंधित बोर्ड से इसकी संबंद्धता मिल ली जाती थी। लेकिन, अब आठवीं कक्षा तक की मान्यता की शक्तियां उप निदेशक के पास सौंपी गई हैं।

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