ठगी के दोषी को पांच साल कैद व बीस हजार जुर्माना

चंबा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्पणा शर्मा की अदालत ने ठगी करने के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास और बीस हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। दोषी अख्तर बेग पुत्र हुसैन बेग चंबा शहर के मोहल्ला लोअर जुलाकड़ी का निवासी है। वहीं जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी एसएस पठानिया ने बताया कि यह मुकदमा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत में विचाराधीन था। उन्होंने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे अधिकतम सजा के लिए यह मामला सीजेएम की अदालत में भेजा था। इस पर सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को यह सजा सुनाई है।
एसएस पठानिया ने बताया कि 25 जुलाई, 2002 को सुरेश कुमार ने स्थानीय सीजेएम कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 156/3 के तहत दरख्वास्त देकर दोषी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने स्थानीय पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश देते हुए मामले की जांच करने को कहा था। इस पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में पाया गया कि दोषी को शिकायतकर्ता दो सालों से जानता था। अख्तर बेग ने सुरेश कुमार को नौकरी दिलाने का झांसा देकर जुलाई 2000 में उसके सर्टिफिकेट व दस हजार मांगे। इसके बाद उसने दस हजार रुपए और ले लिए। फिर सितंबर में अख्तर ने उससे बीस हजार रुपए और देने की मांग की। सुरेश ने यह राशि भी उसे दे दी। वह छह माह तक नौकरी मिलने का इंतजार करता रहा और एक दिन आरोपी के घर पर उसके बारे में पूछताछ करने पहुंचा। सुरेश ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने नौकरी का झांसा देकर उससे मई 2000 तक करीब 80 हजार रुपए ठग लिए थे। वह नौकरी दिलाने में आनाकानी कर रहा था। पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ साक्ष्य व गवाह जुटाए गए और मुकदमा अदालत में पहुंचा। जहां से अख्तर बेग को दोषी करार दिया गया।

Related posts