
अल्मोड़ा/धौलछीना। सेराघाट मार्ग में कसाणबैंड के पास पहाड़ी टूटकर आए मलबे ने दिल्ली से गंगोलीहाट को जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस को खाई में धकेल दिया। दुर्घटना में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक महिला लापता है। इसके अलावा 36 यात्री घायल हैं। गंभीर रूप से घायल 14 यात्रियों को शाम को अल्मोड़ा बेस अस्पताल में भर्ती किया गया। दिल्ली से धारचूला जा रही बस भी सड़क के नीचे लटक गई। इसमें सवार सभी यात्री बाल बाल बच गए।
सोमवार को रोडवेज की बस संख्या यूके-07-पी-1440 दिल्ली से गंगोलीहाट जा रही थी। इसके आगे दिल्ली से धारचूला जा रही रोडवेज की बस संख्या यूके-07-0536 थी। प्रात: करीब 8:30 बजे कसाण बैंड के पास सड़क पर पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध था। दोनों चालकों ने बस रोकी और कुछ यात्रियों के साथ पेड़ हटाने की कोशिश करने लगे। मूसलाधार हो रही बारिश के चलते दोनों बसों की अधिकांश सवारियां बाहर नहीं उतरी। अचानक पहाड़ी से मलबा काल बनकर टूटा। पहाड़ी से पानी के साथ भारी मात्रा में बहकर आए मलबे ने पीछे खड़ी गंगोलीहाट वाली बस को खाई में धकेल दिया। आगे खड़ी धारचूला जा रही दूसरी बस संयोग से सड़क किनारे लटककर रुक गई। गंगोलीहाट जा रही बस के खाई में गिरते ही यात्रियों की चीख पुकार मच गई। बस में चालक, परिचालक के अलावा 41 यात्री सवार थे। सूचना मिलते ही कसाण, खांकरी, धौलछीना के लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहत कार्य शुरू किया।
दुर्घटना में चनौला निवासी दर्शन राम (30) पुत्र गणेश राम, टिम्टा गंगोलीहाट निवासी चित्रकला (17) पुत्री मदन राम, नैनोली गंगोलीहाट निवासी हंसादत्त उप्रेती (55) पुत्र हरिकृष्ण उप्रेती, कोठेरा निवासी जसुली देवी (70) पत्नी शेर राम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मृतक हंसादत्त उप्रेती की पत्नी लीला उप्रेती (55) लापता है। घायल यात्रियों को ग्रामीणों की मदद से पुलिस, आईटीबीबी, एसएसबी के जवानों ने खाई से निकाला। सबसे पहले डीएसपी केएस ह्यांकी के नेतृत्व में पुलिस की रेस्क्यू टीम कई किमी पैदल चलकर मौके पर पहुंची। उसके बाद एसपी सुनील कुमार मीणा, एसडीएम पंकज उपाध्याय, तहसीलदार हरी राम और बाद में जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केसी भट्ट आदि अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
