कोलडैम प्रोजेक्ट में काम ठप

बरमाणा (बिलासपुर)। सतलुज पर निर्माणाधीन कोलबांध परियोजना का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद दोबारा धुंधलाती नजर आ रही है। परियोजना के कामगारों ने वेतन विसंगति के मुद्दे को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल बजा दिया। स्पील-वे का निर्माण कार्य बाधित करते हुए उन्होंने एनटीपीसी तथा सहयोगी कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
आठ सौ मेगावाट के कोलडैम प्रोजेक्ट का कार्य विभिन्न कारणों से बार-बार बाधित होता रहा है। अब कामगारों ने इस पर ब्रेक लगा दी है। वेतन विसंगति का हवाला देते हुए उन्होंने सोमवार से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल शुरु कर दी। परियोजना स्थल पर स्पील-वे का निर्माण कार्य बाधित करते हुए उन्होंने एनटीपीसी व सहयोगी कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कामगार नेता देशराज, पवन, श्यामलाल व कमल किशोर की अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए कामगारों ने कहा कि सरकार द्वारा गत अप्रैल माह से न्यूनतम वेतन में की गई वृद्धि को कंपनी द्वारा अनुबंधित ठेकेदार लागू नहीं कर रहे हैं। इसके चलते उन्हें सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन से लगभग एक हजार कम मिल रहे हैं। ऐसा करके मजदूरों का शोषण किया जा रहा है, जो सहन नहीं किया जाएगा। मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
उधर, परियोजना प्रबंधन ने कामगाराें के आरोपों को सिरे से नकारा है। एनटीपीसी के मानव संसाधन प्रबंधक पंकज कुमार तथा आईटीडी के प्रबंधक एचआर शर्मा ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों के कामगारों को पहले से ही अधिक वेतन दिया जा रहा है। उन्हाेंने दावा किया कि सरकारी वेतन की तुलना में परियोजना के कामगारों को 300 से 400 रुपये अधिक दिए जा रहे हैं। कुछ लोग कामगारों को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन बातचीत से मसला सुलझा लिया जाएगा।

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