
शाहतलाई (बिलासपुर)। पहले सूखे ने कदम रोक रखे थे, अब अधिक नमी बाधा बन गई है। मौसम का मिजाज बार-बार बिगड़ने से मक्की की बिजाई को लेकर किसानाें के इंतजार की घड़ियां लंबी खिंचती जा रही हैं। बहरहाल, अब तक बारिश के लिए प्रार्थना हो रही थी, लेकिन अब मौसम साफ होने की दुआ की जा रही है।
मक्की की बिजाई के लिए अब तक बारिश का इंतजार करते आ रहे किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। बारिश को लेकर उनकी मुराद तो पूरी हो गई, लेकिन पिछले तीन-चार दिन में आसमान से इतना पानी बरसा कि अब खेताें में कीचड़ जैसी स्थिति हो गई है। सोमवार को जिले के कई अन्य भागों में मौसम साफ रहा, लेकिन शाहतलाई व आसपास के क्षेत्रों में बीच-बीच में मेघ बरसते रहे। इसके चलते मक्की की बिजाई का काम अभी भी रुका हुआ है। कुछ किसान साइकिल से बनाए गए हलों से खेतों में बिजाई करते अवश्य नजर आए, लेकिन ट्रैक्टर व बैलों से यह काम होना अभी मुश्किल है।
किसानों उत्तम चंद, मस्तराम, देवराज, शंभूराम, ईश्वर दास, प्रकाश चंद, मानेंद्र चंदेल, जगदेव ढटवालिया व कमल बिनौता आदि का कहना है कि इंद्र देवता ने सूखा दूर करने के लिए पानी जरूरत से कुछ ज्यादा ही बरसा दिया है। खेतों में अधिक नमी हो गई है। अभी भी आसमान पर बादल बार-बार उमड़ रहे हैं। यदि और बारिश हो गई तो मक्की की बिजाई के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ सकता है। बहरहाल, मौसम के सताए किसान पहले जहां इंद्र देव की खुशामद कर रहे थे, वहीं अब वे सूर्य देव की झलक पाने को बेकरार हो उठे हैं।
