
रोहड़ू। क्षेत्र में 48 घंटे से हो रही लगातार बारिश आफत बन गई है। पब्बर नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। भारी बारिश से रोहडू उपमंडल में सड़कों, पुलों और पैदल रास्ताे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में चौबीस घंटे से बिजली गुल है। सोमवार को लगातार बारिश के कारण बडियारा के समीप पब्बर नदी के तट पर बना हिमफेड का गोदाम बह गया है। गोदाम से सेब की खाली पेटियों, ट्रे तथा कुछ खाद के नदी में बहने की सूचना है। पब्बर नदी का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन सावड़ा कुड्डू परियोजना की डैम साइट को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनी करीब आधा दर्जन उठाऊ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हो गई हैं। कई गांवों में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रोहडू बाजार के समीप शिमला मुख्य सड़क पर पेड़ गिरने से एक कार बाल-बाल बची। सोमवार को तीन बजे पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटा यातायात बाधित रहा। गौंसरी स्कूल के समीप आंध्रा नदी पर बना पैदल पुल भी बह चुका है। रोहड़ू-चिड़गांव सड़क भूस्खलन के कारण करीब चार घंटे बंद रही। लोनिवि ने देर शाम सड़क को यातायात के लिए बहाल किया। लोनिवि के एक्सईएन करतार चंद ने कहा कि कुछ मुख्य मार्ग मलबा तथा पत्थरों के गिरने से कुछ समय के लिए जरूर बंद हुए, लेकिन बारिश में ही विभाग ने मशीनों से यातायात बहाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ ग्रामीण रूट बाधित होने की सूचना है, विभाग उनको खोलने के प्रयास कर रहा है।
एसडीएम वाईपीएस वर्मा ने कहा कि बडियारा में एक हिमफेड का गोदाम बह गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक तटवर्ती किसी गांव को खतरा नहीं है। नदी के बहाव से भू कटान जरूर हो रहा है। उन्होने कहा कि क्षेत्र से किसी जानी नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
