
नई टिहरी। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के गृह जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था भी बुरे दौर से गुजर रही है। जिले के 1474 प्राथमिक विद्यालयों में से 167 स्कूल एकल शिक्षकों के भरोसे हैं। अधिकांश एकल विद्यालय भी शिक्षा मित्रों के भरोसे हैं।
प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को ढर्रे पर लाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी कितना ही दावा क्यों न कर ले, लेकिन हकीकत यह है कि शिक्षा मंत्री के गृह जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। जिले में 1474 बेसिक स्कूलों में से 167 विद्यालय दो-तीन वर्षों से एकल शिक्षकों के भरोसे हैं। इन 167 विद्यालयों में लगभग 618 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। भिलंगना ब्लॉक में सबसे अधिक 58, प्रतापनगर में 36 और जौनपुर में 8 विद्यालय एकल है। देवप्रयाग, कीर्तिनगर और चंबा ब्लॉक में कोई भी विद्यालय एकल शिक्षक वाला नहीं है। चंबा ब्लॉक में तो अटैचमेंट व्यवस्था पर कई विद्यालयों में अधिक शिक्षक तैनात है।
कोट-
शिक्षक के अभाव में कोई विद्यालय बंद न हो ऐसा प्रयास रहता है। एकल अध्यापक वाले विद्यालयों में व्यवस्था बनाने में दिक्कत जरूर आती है। स्थानांतरण की प्रक्रिया गतिमान है और एकल विद्यालयाें में छात्र संख्या के अनुरूप शिक्षकाें की तैनाती की व्यवस्था सुनिश्िचित की जाएगी। -बृजमोहन सिंह रावत जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक नई टिहरी
