
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज में नए सत्र के प्रवेश को लेकर कालेज प्रशासन गंभीर हो गया है। एमसीआई की शर्तों के मुताबिक एमबीबीएस इंटर्न तथा ऑडिटोरियम निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति संबंधी दस्तावेजों को स्वयं प्राचार्य डा. वीएल जहागिरदार ने दिल्ली पहुुंचकर एमसीआई तक पहुंचा दिया है। शीघ्र ही एमसीआई की बैठक में अगले सत्र में प्रवेश के लिए स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
राजकीय मेडिकल कालेज में वर्ष 2013-14 के एमबीबीएस में प्रवेश जुलाई माह में शुरू होने हैं। कालेज प्रशासन को अभी तक मिले एमसीआई से अगले सत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिल पाई है। अब कालेज प्रशासन एमसीआई की अनुमति को लेकर तेजी दिखा रहा है। सूत्रों की मानें, तो शासन स्तर पर भी इसके लिए कालेज प्रशासन को पूर्ण सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में एमसीआई ने गत 7 जून को कालेज प्रशासन को ई-मेल भेजकर शासन से हुए बजट संबंधी अनुमोदन के दस्तावेजों को प्रस्तुत करने को कहा। एमसीआई से मिले निर्देशों के क्रम में प्राचार्य डा. वीएल जहागिरदार ने बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंचकर एमसीआई के समक्ष जरूरी कागजात प्रस्तुत किए। उम्मीद है कि शीघ्र ही एमसीआई की बैठक में नए सत्र में प्रवेश को हरी झंडी मिल जाएगी।
यह थी अब तक की कार्रवाई
22 से 24 जनवरी 2013 तक एमसीआई ने श्रीनगर मेडिकल कालेज को स्थायी मान्यता देने के लिए निरीक्षण किया। अप्रैल माह में एमसीआई ने प्रदेश सरकार तथा मेडिकल कालेज प्रशासन को 14 बिंदुओं पर कमियां बताते हुए शीघ्र कमियां पूर्ण करने या शासन की ओर से अंडरटेकिंग दिए जाने को निर्देशित किया। एमसीआई ने एमबीबीएस इंटर्न की इंटर्नशिप के लिए स्वीकृति देते हुए यूटीयू को जनवरी 2013 के बाद एमबीबीएस इंटर्नशिप पूर्ण कर रहे छात्रों को डिग्री देने के लिए संस्तुत किया। एमसीआई के निर्देश पर गत 17 अप्रैल को शासन ने एमसीआई के समक्ष सभी 14 बिंदुओं को जुलाई 2013 से पहले पूर्ण करने की अंडरटेकिंग प्रस्तुत की। 29 मई को एमसीआई की बैठक में सभी निर्माण कार्यों और अन्य जरूरतों के लिए शासन की ओर से किए गए बजट अनुमोदन संबंधी दस्तावेजों को भी एमसीआई ने मांगा। इसी संदर्भ में गत सात जून को मिले ई-मेल के आधार पर बृहस्पतिवार को प्राचार्य डा. वीएल जहागिरदार दिल्ली पहुंचे।
