कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार को घेरा

मंडी। प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष प्रेम सिंह भरमौरिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद जानबूझ कर ट्रांसफर पॉलिसी को लटका रही है। राजनीतिक द्वेष से किए जा रहे तबादलों पर हाईकोर्ट की फटकार के बाद सरकार ट्रिब्यूनल को पुन: बहाल करना चाहती है। जिसका प्रदेश के कर्मचारी विरोध करते हैं। यदि हाईकोर्ट से कर्मचारियों को राहत न मिलती तो अब तक प्रदेश के हजारों कर्मचारी बेघर हो चुके होते। भरमौरिया ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को कर्मचारी विरोधी बताया। कहा कि कांग्रेस सरकारी कर्मचारियों को कुचलना चाहती है। कर्मचारी चाहते हैं कि ट्रांसफर पॉलिसी के बजाए ट्रांसफर रूल बनाया जाए। वर्तमान में ट्रांसफर पॉलिसी को अंतिम रूप देने के लिए जो समिति बनी है, उसमें न तो कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व है और न ही कर्मचारियों से सुझाव मांगे गए हैं। भरमौरिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार मंडी लोस क्षेत्र में विकास के झूठे वायदे कर लोगों को गुमराह कर रही है। प्रदेश में हाल ही में बंद किए गए आठ डिग्री कालेजों में से पांच कालेज मंडी लोस चुनाव क्षेत्र से हैं। ट्राइबल क्षेत्र में जून माह तक महत्वपूर्ण सड़कों में नियमित बस सेवाएं तक नहीं चल पा रही हैं। कर्मचारियों का ट्राइबल भत्ता 100 रुपये बढ़ा कर मजाक किया है।

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