मंत्री के जिला में मछली पालन योजना हांफी

चंबा। मत्स्य पालन मंत्री के जिला में मछली पालन को बढ़ावा नहीं मिल पाया है। मछली पालन बढ़ने की बजाय जिला में निरंतर घटता जा रहा है। वर्तमान में जिला में मौजूद मत्स्य पालन विभाग के 14 मत्स्य टैंकों में से 10 टैंक खराब पड़े हुए हैं। इन टैंकों में कई दिनों से मछली पालन नहीं हो रहा है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान ने इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत मत्स्य पालन विभाग से जानकारी ली है। मत्स्य पालन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के जिला चंबा में ही मछली पालन की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला के कंडाला, बनोटा, कोहलडी, साच, नाणा, सुरपड़ा, परसियारा, चंद्ररोग, रैपर, कुठेहड में मत्स्य टैंक बंद पड़े हुए हैं। चार अन्य टैंकों में भी हालत संतोषजनक नहीं है। चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है। फिलहाल मत्स्य पालन विभाग ऐसा नहीं कर पाया है, जो सही संकेत नहीं है। सरकार व विभाग ने प्रधानों को मनरेगा के तहत टैंकों को ठीक करने और नए टैंकों के निर्माण के भी आदेश दिए थे। इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। उपेक्षा की वजह से मछली पालन नहीं हो रहा है और जिला में मत्स्य उत्पादन निरंतर घट रहा है। उधर, मत्स्य पालन विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर महेश कुमार ने बताया कि ये मत्स्य टैंक एससी सब प्लान योजना के तहत बनाए गए थे। इन टैंकों की देख रेख संबंधित पंचायतों के प्रतिनिधि करते हैं और पंचायत प्रधान इन टैंकों को मछली उत्पादन के लिए गांव के एक हरिजन व्यक्ति को लीज पर देते हैं। विभाग समय-समय पर तकनीकी सुझाव देता रहता है। इसके तहत पंचायतों को इन टैंकों दशा सुधारने के आदेश भी दिए गए हैं।

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